अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव के अचानक निधन ने पूरे यादव परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है. बुधवार सुबह जो कुछ हुआ, उसने परिवार के करीबियों को भी हिला कर रख दिया. अब अपर्णा यादव और प्रतीक यादव के बेहद करीबी बिजनेसमैन मुकेश बहादुर सिंह ने उस सुबह की पूरी घटना को लेकर बड़ा खुलासा किया है.
मुकेश बहादुर सिंह सुबह से पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद हैं. उनके साथ अपर्णा यादव के भाई अमन बिष्ट भी लगातार परिवार के संपर्क में बने हुए हैं. उन्होंने बताया कि प्रतीक यादव की तबीयत अचानक बिगड़ी और वह घर के किचन में ही बेसुध होकर गिर पड़े. इसके बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई. मुकेश बहादुर सिंह के मुताबिक, सब कुछ बहुत अचानक हुआ. प्रतीक एकदम से किचन में गिर पड़े थे. इसके बाद उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी.
सुबह 5:55 बजे सिविल अस्पताल पहुंचे
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक बुधवार सुबह 5:55 बजे प्रतीक यादव को लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया था. सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल आईसीयू में शिफ्ट किया, लेकिन जांच के दौरान शरीर में जीवन के कोई संकेत नहीं मिले. डॉक्टरों के अनुसार उनकी पल्स नहीं चल रही थी और आंखें पूरी तरह फिक्स हो चुकी थीं. अस्पताल प्रशासन ने शुरुआती जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और पंचनामा की कार्रवाई शुरू हुई.
जो कयास लगाए जा रहे हैं, वो गलत हैं
प्रतीक यादव के निधन के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं और कयास लगाए जाने लगे. इस बीच मुकेश बहादुर सिंह ने इन अटकलों को गलत बताया. उन्होंने कहा, मैंने बॉडी को करीब से देखा है. लोग जो बातें कर रहे हैं, वे सही नहीं हैं. डॉक्टर बेहतर जानते हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए. मुकेश ने आगे कहा कि उन्होंने शव पर न तो किसी चोट के निशान देखे और न ही शरीर का रंग नीला पड़ा हुआ था. उनके मुताबिक कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं, लेकिन सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
अस्पताल प्रशासन और परिवार दोनों की नजर अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है. डॉक्टरों का कहना है कि मौत की वास्तविक वजह रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी. फिलहाल हार्ट अटैक या किसी अन्य मेडिकल कारण को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. देवेश चंद्र पांडेय पहले ही कह चुके हैं कि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट होगी.
अपर्णा यादव लगातार संपर्क में
मुकेश बहादुर सिंह ने बताया कि घटना के बाद से अपर्णा यादव लगातार फोन पर परिवार और करीबियों के संपर्क में हैं. पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद मुकेश के फोन पर बार-बार अपर्णा यादव का कॉल आ रहा था. उन्होंने बताया कि अपर्णा यादव फ्लाइट से लखनऊ के लिए रवाना हुईं और दोपहर करीब डेढ़ बजे तक उनके पहुंचने की संभावना जताई गई. परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि अचानक हुई इस घटना से अपर्णा यादव बेहद सदमे में हैं.
एक घंटे में पोस्टमार्टम हाउस से निकाला जाएगा पार्थिव शरीर
मुकेश बहादुर सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब एक घंटे के भीतर प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर पोस्टमार्टम हाउस से बाहर लाया जाएगा. इसके बाद अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर को परिवार के आवास ले जाया जा सकता है. सुबह से ही समर्थकों, शुभचिंतकों और राजनीतिक नेताओं का पहुंचना लगातार जारी है.
अखिलेश बोले- इस घड़ी में पूरा परिवार एकजुट
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने पोस्टमार्टम हाउस से निकलने के बाद प्रतीक यादव को लेकर भावुक बयान दिया. अखिलेश यादव ने कहा कि प्रतीक अपने स्वास्थ्य के प्रति काफी जागरूक था. उन्होंने कहा कि प्रतीक बिजनेस में व्यस्त रहता था. अखिलेश यादव ने कहा कि कई बार बिजनेस में नुकसान होने पर व्यक्ति मानसिक रूप से प्रभावित हो जाता है. उन्होंने बताया कि करीब दो महीने पहले उनकी प्रतीक यादव से मुलाकात हुई थी. उस दौरान उन्होंने प्रतीक से कहा था कि वह अपने बिजनेस पर ध्यान दे. अखिलेश यादव ने प्रतीक यादव को बहुत अच्छा लड़का बताया. उन्होंने कहा कि पूरा परिवार इस दुख की घड़ी में एकजुट होकर खड़ा है. अखिलेश यादव ने कहा कि परिवार जो भी फैसला करेगा, उसी के अनुसार कानूनी रास्ते पर आगे बढ़ा जाएगा.
कई दिनों से खराब थी तबीयत
सूत्रों के मुताबिक प्रतीक यादव पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे. हाल ही में उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के बाद उनकी हालत में कुछ सुधार हुआ था, जिसके बाद उन्हें घर ले जाया गया. परिवार को उम्मीद थी कि वह जल्द पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे, लेकिन बुधवार सुबह अचानक सब कुछ बदल गया.
अखिलेश यादव भी पहुंचे थे अस्पताल
प्रतीक यादव की तबीयत खराब होने की खबर मिलने पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी कुछ दिन पहले अस्पताल पहुंचे थे. उन्होंने डॉक्टरों से मुलाकात कर स्वास्थ्य की जानकारी ली थी. राजनीतिक मतभेदों के बावजूद परिवार के निजी रिश्तों में संवाद बना रहा. बीमारी के दौरान पूरा परिवार उनके साथ खड़ा दिखाई दिया.