कानपुर पुलिस ने बुधवार की रात 1600 करोड़ रुपये के हवाला कारोबार के सरगना महफूज को गिरफ्तार किया. महफूज गरीब ठेले वालों और रिक्शा चालकों के दस्तावेज लेकर लोन दिलाने के नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाता था. इन खातों के जरिए बैंक कर्मियों की मिलीभगत से करोड़ों का अवैध लेनदेन किया गया. कानपुर में 16 फरवरी को हुई 24 लाख की लूट की जांच के दौरान इस बड़े हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ. महफूज लंबे समय से कोलकाता में अपनी ससुराल में राजनीतिक संरक्षण के बीच छिपा हुआ था. पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के डर से वह कानपुर लौटा और पुलिस की घेराबंदी में फंस गया.
गरीबों के नाम पर करोड़ों का टर्नओवर
महफूज का सिंडिकेट बेहद शातिर तरीके से काम करता था. वह आम लोगों को झांसा देकर उनके कागजात जुटाता और फिर उनके नाम पर खाते खोलकर हवाला का काला खेल शुरू करता था.
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अब तक करीब 1600 करोड़ रुपये का टर्नओवर सामने आ चुका है. इस मामले में पुलिस पहले ही कई आरोपियों को जेल भेज चुकी है, लेकिन सरगना महफूज हाथ नहीं आ रहा था. उसके खिलाफ कानपुर में पांच गंभीर मुकदमे दर्ज हैं.
बंगाल का 'सेफ हाउस' और सत्ता का कनेक्शन
महफूज की फरारी का ठिकाना कोलकाता में उसकी ससुराल थी. सूत्रों की मानें तो उसके ससुराल वालों के टीएमसी नेताओं से गहरे ताल्लुक थे, जिनकी सरपरस्ती में वह वहां छिपा था. हालांकि, जैसे ही वहां की सरकार गई, महफूज को अपनी गिरफ्तारी का डर सताने लगा. उसे लगा कि अब वहां रुकना सुरक्षित नहीं है, इसलिए वह तुरंत कानपुर भाग आया. पुलिस पहले से ही उसके लिए जाल बिछाए बैठी थी और आते ही उसे दबोच लिया गया.
परिवार और बैंक कर्मियों पर पुलिस की नजर
एसीपी अभिषेक पांडे ने बताया कि महफूज से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि वह फरारी के दौरान कहां-कहां रहा. हालांकि, पुलिस सूत्रों का दावा पुख्ता है कि वह कोलकाता में ही था. कानपुर पुलिस ने उसकी लोकेशन के लिए कोलकाता पुलिस से भी संपर्क साधा था. फिलहाल पुलिस को महफूज की पत्नी, बेटे और साले की सरगर्मी से तलाश है. इस पूरे घोटाले में शामिल बैंक कर्मियों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है.