Uttar Pradesh News: फतेहपुर जिले के खागा कोतवाली क्षेत्र में 18 फरवरी की रात पालतू कुत्ते को पीटने के विवाद में टूटी शादी चार दिन बाद फिर से जुड़ गई है. दुल्हन तनु केसरवानी रविवार को प्रयागराज स्थित अपने घर से भागकर खागा कस्बे में दूल्हे के पास पहुंच गई.
दरअसल, शादी समारोह के दौरान मंडप में कुत्ते के भौंकने पर बारातियों ने उसे पीट दिया था, जिसके बाद घराती-बाराती में खूनी संघर्ष हुआ और दुल्हन ने शादी से इनकार कर दिया था. अब दुल्हन ने परिजनों पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए दूल्हे के साथ ही जीने-मरने की कसम खाई है.
मंडप में कुत्ते को लेकर हुआ था संग्राम
बीते बुधवार को प्रयागराज से वधू पक्ष खागा के एक गेस्ट हाउस पहुंचा था. जयमाल की रस्म के बाद सुबह करीब 4 बजे जब मंडप में जेवर चढ़ाने की रस्म चल रही थी, तभी दुल्हन का पालतू कुत्ता भौंकने लगा. आरोप है कि वर पक्ष के एक युवक ने कुत्ते को पीट दिया, जिससे बात इतनी बढ़ी कि कुर्सियां और लाठी-डंडे चल गए. वधू पक्ष के तीन लोग लहूलुहान हो गए और मामला थाने पहुंच गया. उस वक्त दुल्हन ने शादी करने से साफ मना कर दिया था और दोनों पक्षों ने लेन-देन वापस कर समझौता कर लिया था.
दुल्हन ने घरवालों पर मढ़ा आरोप
शादी टूटने के चार दिन बाद अचानक दुल्हन तनु दूल्हे के घर पहुंच गई, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया. दुल्हन ने बताया कि उस रात विवाद के बाद घरवाले उसे डरा रहे थे कि जो अभी मारपीट कर रहे हैं, वे बाद में उसे भी मारेंगे. तनु के मुताबिक, उसने परिजनों के बहकावे और दबाव में आकर शादी तोड़ी थी. घर पहुंचने के बाद उसे महसूस हुआ कि वह अपने पति के बिना नहीं रह पाएगी, जिसके बाद वह चुपके से घर छोड़कर भाग आई.
'अब मरते दम तक साथ रहेंगे'
दूल्हे के पास वापस लौटी दुल्हन अब किसी भी कीमत पर मायके जाने को तैयार नहीं है. उसका कहना है कि वह अब अपने पति के साथ ही रहेगी. दुल्हन ने स्पष्ट किया कि उसने अपनी मर्जी से यह कदम उठाया है और अब वापस घर नहीं जाएगी. इस पूरे घटनाक्रम ने इलाके में चर्चा छेड़ दी है. जिस शादी में मारपीट की वजह से खून बहा और गिफ्ट्स वापस हुए, वहां अब दुल्हन की वापसी ने कहानी को पूरी तरह फिल्मी मोड़ दे दिया है.
पुलिस और पंचायत के बीच सुलझा मामला
बता दें कि विवाद के बाद पुलिस ने घायलों का इलाज कराया था और दोनों पक्षों की रजामंदी से उपहार वापस कराए गए थे. लेकिन दुल्हन के इस साहसी फैसले के बाद अब मामला कानूनी पेचीदगियों से निकलकर व्यक्तिगत इच्छा पर टिक गया है. दूल्हा और उसका परिवार भी दुल्हन को अपनाने के लिए तैयार है. वरमाला के बाद शुरू हुआ यह विवाद अब अंततः मिलन की ओर बढ़ता दिख रहा है, जिसने 'कुत्ते वाले विवाद' को पीछे छोड़ दिया है.