लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तंज कसा. मंच से मुख्यमंत्री योगी ने सपा पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा, '12 बजे सोकर उठने वाले बबुआ को कहां फुर्सत थी कि गरीबों के बारे में सोच सकें. उन्हें गरीबों के बच्चों की पढ़ाई की चिंता कहां थी. जिस प्रदेश का मुखिया 12 बजे सोकर उठता होगा, उससे अगर कोई सूर्योदय की बात करेगा तो वह उसे सपना मानेगा. क्योंकि उसे देश दुनिया की कोई जानकारी नहीं होगी और वह लेना भी नहीं चाहेगा.'
मुख्यमंत्री योगी ने कहा,'उन्हें पता था ही नहीं कि बेसिक शिक्षा उनके समय में बंजर हो चुकी थी, माध्यमिक शिक्षा नकल का अड्डा बन चुकी थी. कुछ चंद माफिया नौजवान के भरोसे के साथ खिलवाड़ करते थे. पिछली सरकारों में परिवारवाद, भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण छात्रवृत्ति जैसी योजनाएं जरूरतमंद छात्रों तक नहीं पहुंच पाती थीं.' मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी प्रणाली से भ्रष्टाचार का खेल खत्म हुआ है. उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश के 18,78,726 छात्र-छात्राओं के खातों में ₹944.55 करोड़ की छात्रवृत्ति ट्रांसफर की.
वहीं, मुख्यमंत्री योगी की इन टिप्पणियों पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखा पलटवार किया. अखिलेश यादव ने 'X' पोस्ट में कहा, 'मुख्यमंत्री मंच से झूठ का प्रपंच न फैलाएं और शिक्षा सुधार का असत्य राग न अलापें. किसी ने याद दिला दिया कि आपके शासनकाल में शिक्षक से लेकर शिक्षा मित्र तक आंदोलित रहे हैं और आप ही हैं जो स्कूल बंद कर रहे थे, तो आप बगलें झांकने लगेंगे. शुक्र मनाइए उस पीडीए पाठशाला आंदोलन का जिसके दबाव में आप पीछे हटने को बाध्य हुए और शिक्षा पटरी पर आई. शिक्षा भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं, क्योंकि शिक्षित समाज सवाल करता है और रूढ़िवादी ताकतों को सत्ता से उखाड़ फेंकता है.'
छात्रों के बैंक अकाउंट में डीबीटी के जरिए स्कॉलरशिप की राशि ट्रांसफर करने के बाद अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि जब सरकार की नीयत साफ और नीति स्पष्ट होती है, तब गरीबों के हक का पैसा सीधे उनके खातों में पहुंचता है. उन्होंने गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए इसे सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया. मुख्यमंत्री ने शिक्षा ढांचे में किए गए सुधारों का जिक्र करते हुए ऑपरेशन कायाकल्प, कस्तूरबा गांधी विद्यालय, अटल आवासीय विद्यालय, अभ्युदय कोचिंग योजना और खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को ऐतिहासिक बताया. उन्होंने कहा कि बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है और छात्रवृत्ति योजना का लाभ उठाकर करियर में सफल होने वाले छात्र इसका प्रमाण हैं.