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मोक्ष की तलाश में काशी में डबल सुसाइड, बड़ी बहन की तेरहवीं के दिन भाई-बहन ने लिखा नोट- ‘सॉरी, फॉरगिव अस’

वाराणसी के कैंट स्टेशन के सामने होटल सिटी इन में हैदराबाद के भाई-बहन ने विषाक्त पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों मोक्ष की कामना से काशी आए थे. कमरे से 6.61 लाख नकद, दस्तावेज, अस्थि कलश और नोट ‘सॉरी, फॉरगिव अस’ मिला है.

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कैंट स्टेशन के सामने होटल में मिला भाई-बहन का शव (Photo:  Roshan Jaiswal/ITG)
कैंट स्टेशन के सामने होटल में मिला भाई-बहन का शव (Photo: Roshan Jaiswal/ITG)

वाराणसी में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है. कैंट रेलवे स्टेशन के ठीक सामने मौजूद होटल सिटी इन में ठहरे हैदराबाद के भाई-बहन ने बंद कमरे में जहर खाकर खुदकुशी कर ली. इस घटना के बाद पुलिस लगातार मामले की जांच में जुटी हुई है. अब तक की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उन्होंने इस आत्महत्या को और भी रहस्यमय बना दिया है.

मृतकों की पहचान हैदराबाद के सिकंदराबाद स्थित सीताफल मंडी इलाके के रहने वाले गणेश गौड़ गुनलापल्ली (46) और उनकी बहन धनलक्ष्मी गुनलापल्ली (38) के रूप में हुई है. दोनों होटल के कमरे में मृत पाए गए. जांच के दौरान पुलिस को कमरे के टेबल पर कुछ दवाइयां और उनके रैपर बिखरे हुए मिले.

6.61 लाख नकद और सॉरी, फॉरगिव अस का नोट मिला

पुलिस ने जब कमरे और सामान की तलाशी ली तो पैन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट, लैपटॉप के साथ 6 लाख 61 हजार रुपये नकद बरामद हुए. इसके अलावा एक छोटा सा नोट भी मिला, जिस पर लिखा था, सॉरी, फॉरगिव अस.

पुलिस के अनुसार आधार कार्ड से पुष्टि हुई कि दोनों सगे भाई-बहन थे. पुलिस अब उनके परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके. जांच में सामने आया है कि आत्महत्या के पीछे मोक्ष की कामना का एंगल हो सकता है.

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अस्थि कलश और डेथ सर्टिफिकेट से मोक्ष का एंगल सामने आया

वाराणसी में अक्सर यह मान्यता सामने आती है कि काश्यां मरणं मुक्ति, यानी काशी में मौत से मुक्ति मिलती है. पुलिस को आशंका है कि दोनों भाई-बहन इसी विश्वास के चलते वाराणसी पहुंचे थे. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि दोनों ने अपनी बड़ी बहन की तेरहवीं के दिन आत्महत्या की. बताया गया कि उनकी बड़ी बहन की मौत 28 जनवरी को हुई थी.

डीसीपी काशी गौरव बंसवाल ने बताया कि कॉल डिटेल की जांच में मृत महिला की एक महिला मित्र से बात हुई. उसने बताया कि पिछले साल ही भाई-बहन के माता-पिता की मौत हो चुकी थी और अब बड़ी बहन की भी मौत हो गई. परिवार में अकेले रह जाने के कारण दोनों मानसिक रूप से काफी परेशान थे.

बड़ी बहन की तेरहवीं के दिन उठाया खौफनाक कदम, जांच जारी

पुलिस को मृतकों के बैग से एक अस्थि कलश और डेथ सर्टिफिकेट भी मिला है। इससे संभावना जताई जा रही है कि वे अपनी बड़ी बहन के अस्थि विसर्जन के लिए काशी आए थे.पुलिस ने बताया कि नकद रकम और नोट से ऐसा भी लग रहा है कि वे किसी का उधार या कर्ज लौटाना चाहते थे, लेकिन किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिखा गया. डीसीपी ने कहा कि यदि 72 घंटे तक शवों को क्लेम करने कोई नहीं आता है, तो पुलिस पोस्टमार्टम कराकर आगे की कार्रवाई करेगी. फिलहाल पुलिस पूरे मामले के हर पहलू की जांच कर रही है.

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