उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच लगातार बिजली कटौती से लोगों की परेशानी बढ़ गई है. बिजली संकट को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों पर सख्त नाराजगी जताई है. इसके बाद यूपीपीसीएल ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुधारने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं.
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद यूपीपीसीएल ने शहरों में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का आदेश दिया है. साथ ही बिजली व्यवस्था की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को देर रात तक फील्ड में तैनात किया गया है.
लखनऊ में 22 अधीक्षण और अधिशासी अभियंताओं को रात 9 बजे से 1 बजे तक अलग-अलग इलाकों में तैनात किया गया है. अधिकारियों को बिजली आपूर्ति पर लगातार नजर रखने और शिकायतों का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं.
शिकायतों के तुरंत निस्तारण के निर्देश
बिजली विभाग ने 1912 हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के आदेश दिए हैं. साथ ही फॉल्ट होने की स्थिति में तुरंत बिजली बहाल करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं.
यूपी पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ने कार्रवाई करते हुए गाजियाबाद के अधिशासी अभियंता राहुल और मेरठ के योगेश कुमार को निलंबित कर दिया है. विभाग का कहना है कि बिजली आपूर्ति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम ने 14 जिलों के अधिकारियों को ब्रेकडाउन की स्थिति में तुरंत बिजली सप्लाई बहाल करने के निर्देश दिए हैं. विभाग लगातार फील्ड स्तर पर निगरानी कर रहा है.
उपभोक्ताओं से भी की गई अपील
बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि बिजली बाधित होने की स्थिति में धैर्य बनाए रखें. विभाग ने लोगों से जरूरत होने पर ही बिजली उपकरणों का इस्तेमाल करने की भी अपील की है.
भीषण गर्मी और बढ़ती बिजली मांग के बीच सरकार और बिजली विभाग व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई कर रहे हैं.