उत्तर प्रदेश में आजमगढ़ जिला मंडली अस्पताल में इलाज के लिए आई वृद्ध महिला को डाक्टर ने धक्का देकर बाहर निकाल दिया. धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर द्वारा इस तरह की घटना मानवता को शर्मसार कर रही है.य इसके बाद वृद्ध महिला का बेटा डाक्टर से कहासुनी करने लगे. इतने में डाक्टर व उसके अन्य सहयोगी ने उसके बेटे को मारने पीटने लगे. घटना को देखकर अस्पताल परिसर में मौजूद बेटे और परिजनों में आक्रोश फैल गया और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए. इस सब की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई. पीड़ित वृद्ध महिला ने डॉक्टर के खिलाफ तहरीर दी है.
इलाज के लिए डाक्टर से गिड़गिडाती रही सावित्री
जहानागंज थाना क्षेत्र के करनपुर गांव निवासी 85 वर्षीय सावित्री सिंह का घर में गिरने के कारण हाथ फैक्चर हो गया. आरोप है कि वह अपने बेटे देवेंद्र सिंह के साथ कमरा नंबर 26 में आर्थो सर्जन डा. विनोद कुमार को दिखाने के लिए गई थी. इस दौरान ओपीडी में मरीज कम थे, लेकिन डा.विनोद उन्हें देखना नहीं चाहते थे. सावित्री सिंह ने डाक्टर से गिड़गिडाती हुए अपने हाथ को देखने की गुहार लगाई, लेकिन डाक्टर ने कहा अब नहीं देखेंगें. इस पर सावित्री सिंह का पुत्र देवेंद्र सिंह नाराज हो गए और डाक्टर से देखने की जिद्द करने लगे.
बुजुर्ग के बेटे के साथ मारपीट
इससे बौखलाए डाक्टर ने सावित्री सिंह का हाथ पकड़कर बाहर निकाल दिया और देवेंद्र को अपने सहयोगियों के साथ पीटने लगे. इतने में अस्पताल के और कर्मचारी उपस्थित हो गए. मामले को बढ़ता देख डा.विनोद मौके से फरार हो गए. सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच कर डाक्टर पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया, तब जाकर मामला शांत हुआ. इधर अस्पताल प्रशासन की तरफ से SIC ने संज्ञान लेते हुए बताया कि यह प्रकरण संज्ञान में आया है जांच के लिए टीम गठित कर सीसीटीवी फूटेज की मदद से जांच की कार्रवाई की जाएगी.
बरहाल अस्पताल की इस दुर्दशा का प्रकरण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है जिसमें मरीज के साथ डॉक्टर और कर्मचारियों का असली रूप सामने आया है जिसको लेकर अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर पर उंगलियां उठाई जा रही है.