राजस्थान के कोटा जिले में एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने कुछ ही पलों में चार परिवारों की दुनिया उजाड़ दी. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर चेचट टोल प्लाजा के पास तेज रफ्तार कार आगे चल रहे ट्रक में पीछे से जा भिड़ी. टक्कर इतनी भीषण थी कि कार सवार चारों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग सहम गए और कुछ देर तक समझ ही नहीं पाए कि आखिर हुआ क्या है.
महाकाल के दर्शन के बाद लौट रहे थे घर
जानकारी के अनुसार, कार में सवार सभी युवक कानपुर के रहने वाले थे और मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने के बाद वापस लौट रहे थे. बताया जा रहा है कि चारों दोस्त एक साथ धार्मिक यात्रा पर निकले थे. उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन कर वे अपने शहर लौट रहे थे, लेकिन किसे पता था कि यह यात्रा उनकी आखिरी यात्रा साबित होगी. परिजनों के अनुसार, सभी युवक आपस में घनिष्ठ मित्र थे. वे उत्साह के साथ दर्शन करने गए थे और घर लौटते समय यह हादसा हुआ.
एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार बनी काल
हादसा चेचट टोल के पास हुआ. पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कार तेज गति में थी और आगे चल रहे ट्रक से पीछे से जा टकराई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया. इंजन का हिस्सा अंदर तक घुस गया और एयरबैग भी जान बचाने में नाकाम रहे. स्थानीय लोगों का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार सामान्य सड़कों की तुलना में कहीं अधिक रहती है. लंबी दूरी और सीधी सड़क होने के कारण कई चालक स्पीड पर नियंत्रण नहीं रख पाते. माना जा रहा है कि यही लापरवाही इस हादसे की वजह बनी.
मौके पर मचा हड़कंप, घंटों चला रेस्क्यू
जैसे ही दुर्घटना हुई, आसपास से गुजर रहे वाहन चालकों ने गाड़ियां रोक दीं. किसी ने पुलिस को सूचना दी तो कुछ लोग मदद के लिए आगे आए. चेचट थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची. कार की हालत देखकर अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं था कि टक्कर कितनी भीषण रही होगी. पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. कार में फंसे युवकों को बाहर निकालना आसान नहीं था. कड़ी मशक्कत के बाद चारों शवों को बाहर निकाला गया. उन्हें तुरंत मोड़क सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.
ट्रक चालक हिरासत में, जांच जारी
पुलिस ने ट्रक और उसके चालक को कब्जे में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. प्रारंभिक जांच में ट्रक चालक की कोई बड़ी लापरवाही सामने नहीं आई है, लेकिन हर पहलू से जांच की जा रही है. कार की स्पीड, ब्रेकिंग सिस्टम, सड़क की स्थिति और ड्राइवर की थकान जैसे बिंदुओं पर भी गौर किया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर निर्धारित गति सीमा का पालन अनिवार्य है. थोड़ी सी असावधानी भी बड़े हादसे में बदल सकती है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं चालक को नींद तो नहीं आ गई थी या लंबे सफर की थकान हादसे का कारण बनी. जैसे ही मृतकों की पहचान हुई और सूचना कानपुर पहुंची, वहां मातम छा गया. जिन घरों में सुबह तक बच्चों के लौटने का इंतजार था, वहां कुछ ही घंटों में सन्नाटा पसर गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई है.
एक्सप्रेसवे पर बढ़ते हादसे चिंता का विषय
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे देश की आधुनिक सड़कों में गिना जाता है. लेकिन तेज रफ्तार के कारण यहां दुर्घटनाओं की घटनाएं भी सामने आती रही हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी और सीधी सड़क चालक को स्पीड बढ़ाने के लिए प्रेरित करती है, लेकिन अचानक सामने आने वाले भारी वाहन या थोड़ी सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है. सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबी दूरी तय करते समय हर दो से तीन घंटे में ब्रेक लेना चाहिए. वाहन की तकनीकी जांच भी यात्रा से पहले जरूरी है. सीट बेल्ट का प्रयोग और गति सीमा का पालन जीवनरक्षक साबित हो सकता है. घटना के बाद पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि एक्सप्रेसवे पर निर्धारित गति सीमा का सख्ती से पालन करें. ओवरस्पीडिंग, अचानक लेन बदलना और भारी वाहनों के पीछे पर्याप्त दूरी न रखना हादसों की बड़ी वजह बनता है. पुलिस का कहना है कि कुछ मिनट बचाने की जल्दबाजी कई जिंदगियां छीन सकती है.