केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों पर बयान देकर चर्चा में आए निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस्तीफा देने के बाद वह बरेली पहुंचे, जहां ब्राह्मण समाज के नेताओं ने उनका स्वागत किया. बरेली के लाल फाटक स्थित परशुराम धाम मंदिर परिसर में उनके स्वागत के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे. ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और नारों के बीच अलंकार अग्निहोत्री का अभिनंदन किया गया.
समर्थकों ने 'जय परशुराम', 'भारत माता की जय' और 'समाज के अलंकार का स्वागत है' जैसे नारे लगाए. स्वागत के दौरान अग्निहोत्री ने मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदू समाज के अधिकारों और सम्मान के लिए उनका संघर्ष लगातार जारी है.
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26 जनवरी की शाम यूजीसी के विरोध में और शंकराचार्य के समर्थन में अलंकार अग्निहोत्री ने सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने उस समय कुछ नीतिगत मुद्दों और धार्मिक-सामाजिक विषयों पर अपनी असहमति जताई थी, जिसके बाद शासन स्तर पर कार्रवाई हुई और उन्हें निलंबित कर दिया गया. इस घटनाक्रम के बाद से वह लगातार सार्वजनिक रूप से अपनी बात रख रहे हैं.
अलंकार अग्निहोत्री ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदू समाज के अधिकारों और सम्मान के लिए उनका संघर्ष लगातार जारी है. उन्होंने समर्थकों से दिल्ली कूच करने की तारीखों का जल्द ऐलान करने की बात कही, जहां वह अपनी मांगों को लेकर केंद्र सरकार तक आवाज पहुंचाएंगे. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह एससी-एसटी एक्ट को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाएंगे.
मीडिया से बात करते हुए अलंकार अग्निहोत्री ने सरकार और शासन के आरोप पत्र पर कहा कि जो आरोप पत्र मिले हैं, उसमें बहुत गलत आरोप लगाए हैं, अपने समाज की बात कहना भी गलत बताया है. उसका अपने लीगल एडवाइजर से जानकारी लेकर जवाब दूंगा. इसी के साथ अलंकार अग्निहोत्री ने दोहराया कि 7 फरवरी से पहले अगर सरकार ने एससी-एसटी कानून वापस नहीं लिया तो दिल्ली कूच करेंगे. इस दौरान अलंकार अग्निहोत्री के स्वागत में समर्थकों ने 'देखो देखो शेर आया' ने नारे लगाए. उन्होंने कहा कि समाज के अलंकार का स्वागत है.