राजधानी के आशियाना इलाके से एक गंभीर आपराधिक मामला सामने आया है, जिसमें इंटर की एक छात्रा ने अपने ही स्कूल के पूर्व दोस्तों पर यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुख्य आरोपी अर्श रजा को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है.
पुलिस के अनुसार, पीड़िता और आरोपी साल 2023 में एक ही स्कूल में पढ़ते थे. इसी दौरान आरोपी ने दोस्ती का भरोसा जीतकर छात्रा के करीब आने की कोशिश की. आरोप है कि धीरे-धीरे उसने कुछ फोटो और वीडियो हासिल कर लिए, जिन्हें बाद में दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया. डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ने इन आपत्तिजनक सामग्रियों को वायरल करने की धमकी देकर छात्रा को डराया और उसे अपनी शर्तों के मुताबिक मिलने के लिए मजबूर किया. शिकायत में कहा गया है कि इसी दबाव के चलते आरोपी छात्रा को कई बार होटल लेकर गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया.
परिजनों का आरोप है कि यह सिलसिला लंबे समय तक चलता रहा. इस दौरान छात्रा पर मानसिक दबाव लगातार बना रहा और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई. पुलिस को दी गई जानकारी में यह भी कहा गया है कि आरोपी छात्रा पर लगातार गर्भनिरोधक दवाएं लेने का दबाव बनाता था. मामला तब सामने आया जब छात्रा की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. परिवार के लोगों ने जब उसे डॉक्टर को दिखाया, तो जांच के दौरान स्थिति गंभीर पाई गई. डॉक्टरों की काउंसलिंग और पूछताछ में छात्रा ने पूरी घटना बताई, जिसके बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया.
पीड़िता की मां की तहरीर पर पीजीआई थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. इसमें दुष्कर्म, पॉक्सो (POCSO) एक्ट और अन्य गंभीर धाराएं लगाई गई हैं. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अब इस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है. खास तौर पर यह देखा जा रहा है कि क्या आरोपी के परिवार के अन्य सदस्य भी इस मामले में किसी तरह से शामिल थे. पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसे डराने-धमकाने में आरोपी के परिजनों की भी भूमिका रही है.
जांच अधिकारी के मुताबिक, मामले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है, ताकि घटनाक्रम को पूरी तरह स्पष्ट किया जा सके. पुलिस का कहना है कि यह मामला संवेदनशील है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी. दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. पीड़िता के परिवार ने भी न्याय की मांग की है. उनका कहना है कि बेटी को लंबे समय तक मानसिक और शारीरिक पीड़ा से गुजरना पड़ा है, ऐसे में दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए.
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में समय पर शिकायत दर्ज कराना बेहद जरूरी होता है. कई बार सामाजिक दबाव और डर के कारण पीड़ित सामने नहीं आ पाते, जिससे आरोपी का हौसला बढ़ता है. फिलहाल, लखनऊ पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है.