राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने प्रयागराज माघ मेले में हुए विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने चंदौली में एक कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा सरकार पर लगाए गए दुर्व्यवहार के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया.
इंद्रेश कुमार ने स्पष्ट किया कि माघ मेला देश के विभिन्न तीर्थों पर बड़े भाग्य से आयोजित होता है और कुछ लोगों ने शरारतपूर्ण तरीके से बाधा डालने की कोशिश की, जिसमें वे सफल नहीं हुए. उन्होंने इस पूरे विवाद को सरकार विरोधी स्वभाव का परिणाम बताया है.
शरारत करने वालों को नहीं मिला फल
इंद्रेश कुमार ने कहा कि माघ मेला केवल प्रयागराज तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे देश के तीर्थ स्थलों पर श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. उनके अनुसार, जहां मानवता और देवताओं का वास होता है, वहां शैतानी या राक्षसी प्रवृत्तियां ज्यादा देर तक नहीं टिक पातीं. उन्होंने इशारों ही इशारों में कहा कि मेले के दौरान किसी ने शरारत करने का प्रयास किया था, लेकिन उसका फल उन्हें नहीं मिला.
दुर्व्यवहार के आरोपों पर पलटवार
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा लगाए गए दुर्व्यवहार के आरोपों पर सवाल उठाते हुए इंद्रेश कुमार ने पूछा कि आखिर उनके साथ कौन सा बुरा बर्ताव हुआ है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोगों के स्वभाव में ही सरकार और सरकारी व्यवस्थाओं के खिलाफ खड़ा होना शामिल है. उन्होंने आगे कहा कि वह ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि सभी को शांति और सद्भाव के साथ रहने की सद्बुद्धि मिले.