देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के उद्घाटन के साथ ही गाजियाबाद के लोगों के लिए हवाई यात्रा का एक नया विकल्प खुल गया है. अब तक इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर निर्भर रहने वाले यात्रियों को अब एक ऐसा विकल्प मिल रहा है, जो समय और सुविधा दोनों के लिहाज से बेहतर साबित हो सकता है.
गाजियाबाद के अलग-अलग इलाकों से जेवर एयरपोर्ट की दूरी करीब 70 से 90 किलोमीटर के बीच है. हालांकि यमुना एक्सप्रेसवे के चलते यह सफर अब सीधा और तेज हो गया है. सामान्य ट्रैफिक में यह दूरी करीब 1.5 से 2 घंटे में पूरी की जा सकती है, जबकि ज्यादा ट्रैफिक होने पर समय 2.5 घंटे तक पहुंच सकता है.
अगर खर्च की बात करें तो निजी वाहन से यात्रा करने पर ईंधन का खर्च लगभग 500 से 1000 रुपये के बीच आता है। वहीं टैक्सी से सफर करने पर किराया 1500 से 2500 रुपये तक हो सकता है. कम बजट वाले यात्रियों के लिए बस सेवा भी एक विकल्प है, जिसमें 200 से 500 रुपये में जेवर तक पहुंचा जा सकता है, हालांकि फिलहाल सीधी बस सेवा उपलब्ध नहीं है, जिससे समय थोड़ा ज्यादा लग सकता है.
आने वाले समय में दिल्ली मेट्रो और रैपिड रेल जैसी परियोजनाओं के विस्तार से यह कनेक्टिविटी और बेहतर होने की उम्मीद है, जिससे सफर और आसान व सस्ता हो जाएगा.
जेवर एयरपोर्ट सिर्फ एक ट्रैवल ऑप्शन नहीं, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए आर्थिक विकास का बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है. यहां विकसित हो रहे कार्गो हब, लॉजिस्टिक्स पार्क और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से व्यापार को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
कुल मिलाकर, गाजियाबाद के लिए जेवर एयरपोर्ट एक दूसरा विकल्प ही नहीं, बल्कि भविष्य में बेहतर विकल्प बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.