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प्रशासन का प्रस्ताव ठुकराया, गाड़ियों में लगाई आग...जानें नोएडा में 3 दिन से क्यों सड़कों पर उतरे हैं कर्मचारी

नोएडा में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया. सेक्टर 60-62 में जाम, पत्थरबाजी और आगजनी से हालात बिगड़ गए. कई गाड़ियों में तोड़फोड़ और आग लगा दी गई. पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को काबू किया, लेकिन इलाके में तनाव अब भी बरकरार है.

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जानें नोएडा में 3 दिन से क्यों सड़कों पर उतरे हैं कर्मचारी (Photo: itg)
जानें नोएडा में 3 दिन से क्यों सड़कों पर उतरे हैं कर्मचारी (Photo: itg)

उत्तर प्रदेश के नोएडा में सैलरी बढ़ाने और कामकाजी परिस्थितियों में सुधार को लेकर प्राइवेट कंपनी के कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है. सोमवार सुबह पिछले तीन दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे इस प्रदर्शनकारियों का गुस्सा फूट पड़ा, जिसके चलते सेक्टर-60 और 62 के आसपास सड़कों पर जाम लग गया. ट्रैफिक जाम होने से दफ्तर जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

पत्थरबाजी और आगजनी

हालात इतने बिगड़े कि कुछ जगहों पर कर्मचारियों ने पत्थरबाजी की और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया.वहीं नोएडा के फेज-2 इलाके में भी जमकर तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं. सेक्टर 84 में दो वाहनों के आग में झोंक दिया गया है.  प्रदर्शन के दौरान अन्य संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया गया. स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. 

क्या है कर्मचारियों की मांग?

कंपनी प्रबंधन की मनमानी, वेतन में देरी और अन्य अनियमितताओं के खिलाफ मदरसन कंपनी के बाहर भी जारी इस प्रदर्शन में मौजूद कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से सैलरी बढ़ाने और काम के माहौल में सुधार की मांग कर रहे हैं. उनका आरोप है कि बढ़ती महंगाई के बीच मौजूदा वेतन में गुजारा करना मुश्किल हो गया है.

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तोड़फोड़ कर पलट दी पुलिस की कार

स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और प्रशासन सक्रिय हुआ. अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब भीड़ काबू से बाहर होती दिखी, तो हल्का बल प्रयोग कर लोगों को हटाया गया. इसके बाद कुछ इलाकों में हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे, हालांकि तनाव अभी भी बना हुआ है. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने एक पुलिस वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर पलट दिया, जिसका वीडियो भी सामने आया है.

प्रशासन ने दिया था आश्वासन लेकिन

एक दिन पहले ही प्रशासन, पुलिस और प्राधिकरण के अधिकारियों ने कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनकी मांगों पर विचार करने और समाधान निकालने का भरोसा दिया था. नए निर्देशों के अनुसार, गौतम बुद्ध नगर में कार्यरत श्रमिकों को ओवरटाइम के बदले दोगुना भुगतान मिलेगा. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि कर्मचारियों की सैलरी और बोनस समय पर सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाएं. इसके बावजूद कर्मचारियों का आक्रोश कम नहीं हुआ और आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया. फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर रखे हुए है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है.  

गुरुग्राम में भी हुआ था प्रदर्शन

इधर इससे पहले गुरुग्राम के औद्योगिक क्षेत्र IMT मानेसर में भी कर्मचारियों ने हाल के दिनों में जोरदार प्रदर्शन किया था. हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने क्षेत्र में धारा 163 लागू कर दी थी. जानकारी के मुताबिक, बड़ी संख्या में हड़ताली कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे थे. पुलिस प्रशासन ने उन्हें समझाने और मौके से हटने की चेतावनी दी, लेकिन प्रदर्शनकारी अपने रुख पर अड़े रहे. स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर किया गया.

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