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सिर्फ 2-3 घंटे सोती थी बेटी, मां कहती थी पागल हो जाओगी, अब स्टैनफोर्ड ने दी स्कॉलरशिप

UP News: मऊ जिले में एक गरीब किसान की बेटी पढ़ाई करने के लिए स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी जाएगी. इसके लिए उसे स्कॉलरशिप मिली है. एक वक्त ऐसा था जब बेटी की पढ़ाई देखकर उसकी मां डर गई थी. इसकी वजह ये थी वो केवल 2 से 3 घंटे ही सोती थी. इस वजह से मां कहती थी कि पागल हो जाओगी.

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किसान की बेटी दाक्षायनी पांडेय अमेरिका पढ़ने जाएगी
किसान की बेटी दाक्षायनी पांडेय अमेरिका पढ़ने जाएगी

UP News: मऊ जिले में एक गरीब किसान की बेटी का चयन स्कॉलरशिप के साथ अमेरिका में कैलिफोर्निया के स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में हुआ है. इस समय वह सीतापुर में रहकर 12वीं की पढ़ाई कर रही है. उसने एक ऐसा कार सुरक्षा मॉडल (डिवाइस ) बनाया गया है जो कि कार के अंदर कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ने पर अपने आप काम करने लगेगा और ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाएगा. सितंबर 2023 में यह मेधावी छात्रा बायोइंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए अमेरिका जाएगी. बेटी की कामयाबी से उसके माता-पिता और शिक्षक काफी खुश हैं. 

गौरतलब है कि दाक्षायनी पांडेय 12वीं की स्टूडेंट है. एक बार उसने टीवी पर कार में दम घुटने से बच्चे की मौत का सीन देखा था. इस पर उसने तय किया कि वह कुछ ऐसा करेगी जिससे इस तरह की घटना को रोका जा सके. इसके बाद उसने ऐसा डिवाइस तैयार किया, जिससे कार के अंदर आक्सीजन का स्तर मेंटेन हो सके.

इस प्रोजेक्ट को लेकर दाक्षायनी दिल्ली तक पहुंची, जहां इस डिवाइस को बनाने के लिए उसे विनर घोषित किया गया. इस डिवाइस का नाम "मिशन प्रोटेक्टर" है. अब दाक्षायनी का चयन स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में हुआ है. 

दाक्षायनी की मां रीमा पांडेय ने बताया, "बेटी के अमेरिका जाने को लेकर बहुत खुश हूं, क्योंकि मेरी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी. चाहती हूं कि बेटी वहां से पढ़कर निकले तो पूरे देश का नाम रोशन करे. वो केवल दो-तीन घंटे ही सोती थी और अकेले ही बात करती रहती थी. इस पर मैं कहती थी कि तुम पागल हो जाओगी. तब वो कहती थी कि मम्मी मैं मैं कुछ करके दिखाऊंगी".

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बेटी की सफलता से गदगद पिता दिग्विजय नाथ पांडेय ने बताया, "मैं सीमांत किसान हूं. मेरी बेटी ने प्राथमिक विद्यालय बहादुरपुर में कक्षा 5वीं तक पढ़ाई की. इसके बाद उसका चयन विद्याज्ञान सीतापुर में हुआ. अब उसे स्टैंडफोर्ड यूनिवर्सिटी में स्कॉलरशिप से पढ़ने का मौका मिला है". 

दाक्षायनी की सफलता पर उसने शिक्षक भी काफी खुश हैं. ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षक अजय और प्राथमिक विद्यालय बहादुरपुर के शिक्षक मनीष कुमार ने कहा कि वो शुरू से ही पढ़ने में बहुत अच्छी थी.

 

 

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