लखनऊ के आशियाना इलाके में हुए एक हत्याकांड ने पूरे शहर को हिला दिया. दरअसल, प्रतापगढ़ के रहने वाले 30 वर्षीय विष्णु यादव को उनकी पत्नी साक्षी सिंह के मायके बुलाया गया. फिर ससुराल वालों ने मिलकर उसकी बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी. पुलिस के मुताबिक, हत्या का कारण चार साल पहले परिवार की मर्जी के खिलाफ हुई शादी को लेकर पल रही नफरत थी. यानी जिन हाथों से बेटी की डोली उठनी थी, उन्हीं हाथों ने दामाद की अर्थी तैयार कर दी.
सबसे खौफनाक पहलू ये रहा कि पत्नी साक्षी को पहले काबू में किया गया, हाथ-पैर बांधे गए, मुंह बंद किया गया और फिर कमरे में बंद कर दिया गया, ताकि वो अपने पति को बचा भी न सके और उसकी मौत देखती रहे. पुलिस के अनुसार, आरोपी पिता, मां और चार बहनों ने लकड़ी के पट्टों और लोहे की रॉड से विष्णु पर ताबड़तोड़ वार किए थे.
डायल 112 पर सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो घर के अंदर खून से लथपथ शव मिला और साक्षी घायल हालत में बंधी हुई बरामद हुई. यह सिर्फ हत्या नहीं, परिवार के नाम पर रची गई सोची-समझी हैवानियत थी.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस कत्ल की क्रूरता को उजागर कर दिया. रिपोर्ट में विष्णु के शरीर पर 20 एंटेमॉर्टम चोटें दर्ज हुईं, जिनमें 16 चोटें सिर्फ सिर पर थीं. सिर की हड्डियां टूटीं, अंदरूनी रक्तस्राव हुआ, चेहरे और गर्दन पर भी गंभीर घाव मिले. डॉक्टरों ने साफ कहा कि बार-बार भारी और कुंद वस्तुओं से किए गए हमलों की वजह से शॉक और अत्यधिक खून बहने से मौत हुई.साफ है- यह गुस्से में किया गया हमला नहीं, बल्कि नफरत से भरा ‘सजा देने’ वाला कत्ल था.
पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में छह आरोपियों- तीर्थराज सिंह, उनकी पत्नी सरोज देवी और बेटियां राधा, रत्ना, ज्योति व विधि- को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. मौके से खून से सने लकड़ी के पट्टे और लोहे की रॉड भी बरामद हुई है. मृतक के परिवार ने आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग की है.
मृतक के पिता छेदीलाल ने आरोप लगाया कि इस शादी से ससुराल पक्ष नाराज रहता था और अक्सर गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी देता था. उन्होंने बताया कि 15 मार्च को विष्णु अपनी पत्नी के साथ लखनऊ आया था. जब वह खुद प्रतापगढ़ से पहुंचे और बहू से पूछताछ की तो घटना का खुलासा हुआ.
उन्होंने ससुर, सास, चाचा और सालियों पर मिलकर हत्या करने का आरोप लगाया है. वर्ष 2024 में ससुर तीरथराज ने दामाद विष्णु पर किशोरी साली को अगवा करने का आरोप लगाते हुए आशियाना थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद विष्णु जेल भी गया था. यह मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है. स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपित परिवार का व्यवहार पहले से ही विवादित रहा है और आए दिन झगड़े होते रहते थे.