scorecardresearch
 

लखनऊ के मलिहाबाद में हाई अलर्ट: राजा कंसा पासी का किला, महादेव मंदिर का दावा और जुमे की नमाज; इलाके में फोर्स तैनात

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद में ऐतिहासिक राजा कंसा पासी किले को लेकर विवाद गहरा गया है. पासी समाज द्वारा किले में जुम्मे की नमाज का विरोध करने और प्रदर्शन के ऐलान के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.

Advertisement
X
मलिहाबाद में किले को लेकर विवाद गहराया (Photo- ITG)
मलिहाबाद में किले को लेकर विवाद गहराया (Photo- ITG)

लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र में स्थित एक ऐतिहासिक स्थल को लेकर पासी समाज और मुस्लिम पक्ष के बीच विवाद गहराता जा रहा है. पासी समाज के लोगों ने जुमे की नमाज के दिन किला परिसर में नमाज पढ़े जाने का कड़ा विरोध करते हुए प्रदर्शन का ऐलान किया है. उनका दावा है कि वर्तमान में मस्जिद और कब्रिस्तान के रूप में जानी जाने वाली यह संरचना दरअसल 11वीं सदी के नागवंशी शासक राजा कंस का किला है. आज बाहर से काफी तादात में लोगों के नमाज पढ़ने आने के इनपुट मिलने पर प्रशासन ने एहतियातन बैरिकेडिंग करके भारी पुलिस बल तैनात किया है.

पासी समाज का दावा और सीएम को पत्र

पासी समाज का कहना है कि यह स्थान 11वीं सदी का ऐतिहासिक किला है, जिसके भीतर प्राचीन काल से भगवान महादेव का मंदिर हुआ करता था और वहां पूजा होती थी. समाज का आरोप है कि उनकी इस ऐतिहासिक विरासत को गलत तरीके से बदलकर उस पर कब्जा कर लिया गया है. इस गंभीर मुद्दे को लेकर पासी समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है.

फोटो- संदीप दुबे/लखनऊ आजतक

लखनऊ गजेटियर और सालार मसूद गाजी का इतिहास

अपने दावे को मजबूत करने के लिए पासी समाज ने लखनऊ के पुराने गजेटियर का हवाला दिया है. इसके अनुसार काकोरी और मलिहाबाद का इलाका 11वीं सदी में राजपासी राजा कंस के प्रभाव में था. जब विदेशी आक्रांता सालार मसूद गाजी इस क्षेत्र में आया, तब वीर योद्धा राजा कंस ने उसका कड़ा मुकाबला किया था और इसी इलाके में उसके दो सेनापतियों को मार गिराया था.

Advertisement

संभावित तनाव को देख अलर्ट पर प्रशासन

घटनास्थल को कब्रिस्तान और मस्जिद के रूप में प्रस्तुत किए जाने से इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है. संभावित टकराव और कानून व्यवस्था की समस्या को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. पुलिस बल लगातार इलाके की निगरानी कर रहा है. संवेदनशील मामला होने के कारण स्थानीय स्तर पर ऐतिहासिक और कानूनी जांच की मांग भी उठ रही है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement