लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है. यहां एक पिता ने अपने ही दोस्त के साथ मिलकर नाबालिग बेटी की गला घोंटकर हत्या कर दी और पहचान छिपाने के लिए उसके चेहरे पर तेजाब डाल दिया. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पिता विजय चौबे से पूछताछ की गई तो उसने बताया वो अपनी बेटी के चाल चलन से बेहद परेशान था. फैजाबाद रोड स्थित एक यूनिवर्सिटी में बस चलाने वाले विजय कुमार चौबे को अपनी बेटी की वजह से ही कई बार किराए का मकान भी बदलना पड़ा था.
अगस्त 2025 में बेटी अपने प्रेमी के साथ लापता हो गई. पुलिस की मदद से बरामद हुई. प्रेमी को जेल भेज दिया गया, लेकिन नवंबर 2025 से जेल से छूटने के बाद भी बेटी अपने प्रेमी से बात कर रही थी.
बेटी के चाल चलन से पिता और परिवार की बदनामी हो रही थी, जिसकी वजह से पिता ने ही अपने दोस्त के साथ मिलकर बेटी की हत्या कर दी.
डीसीपी पूर्वी दीक्षा शर्मा के मुताबिक, 16 अप्रैल को धावा, चिनहट निवासी विजय कुमार चौबे ने IGRS के जरिए अपनी बेटी वंदना चौबे जिसकी उम्र 16 वर्ष के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी. मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल और संदिग्धों से पूछताछ की, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ. जांच में सामने आया कि विजय कुमार चौबे ने अपने दोस्त अब्दुल मन्नान के साथ मिलकर बेटी की हत्या की साजिश रची थी.
किराए की कार से ले गए
13 अप्रैल को दोनों ने किराए की कार ली और बेटी को झाड़-फूंक कराने के बहाने घर से बाहर ले गए. रास्ते में एक ढाबे पर रुकने के बाद देर रात बाराबंकी के कुर्सी रोड पहुंचे, जहां सुनसान जगह पर कार के अंदर सो रही बेटी का गला घोंट दिया. डीसीपी ने आगे बताया कि, बेटी के विरोध करने पर भी आरोपी नहीं रुके और तब तक गला दबाते रहे जब तक उसकी मौत नहीं हो गई.
पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर तेजाब डाला
हत्या के बाद पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने उसके चेहरे पर तेजाब डाल दिया. इसके बाद शव को शारदा नहर में फेंकने की कोशिश की, लेकिन सड़क पर वाहन आते देख घबराकर मौके से फरार हो गए.
आरोपी पिता ने बताया कि वह बेटी के व्यवहार से परेशान था और सामाजिक बदनामी के डर से उसने यह कदम उठाया. पुलिस ने आरोपी पिता विजय कुमार चौबे (34) और उसके साथी अब्दुल मन्नान (45) को गिरफ्तार कर लिया है. मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है.