उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में झोलाछाप डॉक्टर की कथित लापरवाही से इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई. घटना से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर जमकर हंगामा किया और चक्का जाम कर दिया. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, जहां लोगों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई. काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया. फिलहाल परिजन आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं. डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंचकर अस्पताल को सील कर दिया है.
मामला कौशांबी थाना के 12 ब्लॉक स्थित प्रभा नर्सिंग होम का बताया जा रहा है. पीड़ित रामसेवक का आरोप है कि 6 मार्च को उसकी 28 साल की पत्नी सरिता देवी की तबीयत खराब होने पर उसे प्रभा नर्सिंग होम में बच्चेदानी के ऑपरेशन के लिए भर्ती कराया गया था.
परिजनों का आरोप है कि झोलाछाप डॉक्टर संकुल गुप्ता ने गलत तरीके से ऑपरेशन किया, ऑपरेशन के बाद से ही सरिता की तबीयत लगातार खराब रहने लगी, जिसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए प्रयागराज के एक निजी अस्पताल ले गए. यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इसके बाद परिजन डेड बॉडी को लेकर प्रभा हॉस्पिटल पहुंचे. वहीं परिजनों का आरोप है कि प्रयागराज के अस्पताल में डॉक्टरों ने पहले किए गए ऑपरेशन को गलत बताया.
महिला की मौत की खबर मिलते ही गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर हंगामा शुरू कर दिया और सड़क पर चक्का जाम कर दिया. मौके पर पहुंची पुलिस से भी लोगों की तीखी नोकझोंक हुई. बाद में पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझाकर जाम खुलवाया.
फिलहाल कौशांबी थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है. वहीं चायल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी मुक्तेश में पहुंचकर अस्पताल को सील कर दिया है और आगे की कार्रवाई में जुट गए है.