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दो साल से चल रहा किडनी रैकेट, मेरठ के अल्फा अस्पताल से जुड़े कानपुर कनेक्शन का खुलासा

कानपुर में अवैध किडनी रैकेट का खुलासा हुआ है, जिसमें छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है. मामले के तार मेरठ के अल्फा हॉस्पिटल से जुड़े बताए जा रहे हैं. सीएमओ ने अस्पताल को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है. अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों से इनकार किया है.

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मेरठ के अल्फा अस्पताल के किडनी रैकेट जुड़े तार (Photo: Screengrab)
मेरठ के अल्फा अस्पताल के किडनी रैकेट जुड़े तार (Photo: Screengrab)

कानपुर में पुलिस ने किडनी के अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है. इस मामले के तार मेरठ से भी जुड़े बताए जा रहे हैं, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस दोनों ही सक्रिय हो गए हैं. बताया जा रहा है कि मेरठ के एक डॉक्टर की भी तलाश की जा रही है.

जानकारी के अनुसार, मेरठ स्थित अल्फा हॉस्पिटल के डॉक्टर अफजल पर आरोप है कि उन्होंने टेलीग्राम ग्रुप के जरिए किडनी डोनर की मांग की थी. इसी दौरान देहरादून में पढ़ रहे बिहार के एक युवक को किडनी देने के लिए छह लाख रुपये में राजी किया गया. हालांकि युवक को केवल साढ़े तीन लाख रुपये ही मिले, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा.

टेलीग्राम ग्रुप के जरिए डोनर तलाशने का आरोप

इस सूचना के आधार पर कानपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पूरे रैकेट का भंडाफोड़ कर दिया और छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया. जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के तार मेरठ से जुड़े हो सकते हैं, जिसके बाद वहां का स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है.

मेरठ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अशोक कटारिया ने अल्फा हॉस्पिटल को नोटिस जारी किया है और तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है. नोटिस में कहा गया है कि मीडिया रिपोर्ट्स में अस्पताल का नाम सामने आया है. इसमें फिजियोथैरेपिस्ट अमित कुमार, विक्की चौहान, विजय गुप्ता, इनाम, नसीर, परवेज और फरियाद के साथ-साथ डेंटल चिकित्सक डॉक्टर वैभव मुदगल का नाम भी शामिल है.

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नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि कानपुर में पकड़े गए अवैध किडनी ट्रांसप्लांट मामले में अमित कुमार, डॉक्टर वैभव मुदगल और डॉक्टर अफजल के नाम सामने आए हैं. सीएमओ ने अस्पताल को निर्देश दिया है कि तीन दिन के भीतर विस्तृत और तथ्यात्मक जवाब दिया जाए, अन्यथा नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.

वहीं अल्फा हॉस्पिटल के मैनेजर सचिन ने सभी आरोपों से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि किडनी से जुड़ी खबरें फैल रही हैं और उनके ओनर का नाम भी इसमें जोड़ा जा रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके अस्पताल में डॉक्टर अफजल नाम का कोई चिकित्सक नहीं है. साथ ही उन्होंने बताया कि पुलिस भी जांच के लिए आई थी और सीएमओ की ओर से नोटिस भी मिला है.

अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों से किया इनकार

सीएमओ डॉक्टर अशोक कटारिया ने कहा कि मीडिया में आई खबरों के आधार पर नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है. उन्होंने कहा कि अगर जांच में किसी की संलिप्तता पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है.
 

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