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डीएम बिटिया मेरी मदद करो..., पत्र पढ़कर भावुक हुईं IAS नेहा जैन, बुजुर्ग महिला को लगा लिया गले

यूपी के कानपुर देहात में एक 77 साल की बुजुर्ग महिला ने डीएम नेहा जैन को भावुक कर देने वाला पत्र लिखा है. पत्र पढ़ते ही डीएम नेहा जैन अपनी कुर्सी से उठीं और बुजुर्ग महिला को गले लगा लिया. इस दौरान बुजुर्ग के भी आंसू छलक आए. दरअसल, बुजुर्ग महिला एक साल से जमीन संबंधी काम के लिए तहसील के चक्कर लगा रही थी. जब काम नहीं हुआ तो पत्र लिखकर डीएम के पास पहुंची.

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पत्र पढ़कर DM नेहा जैन हुईं भावुक.
पत्र पढ़कर DM नेहा जैन हुईं भावुक.

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में DM ऑफिस में 77 वर्षीय बुजुर्ग महिला आवेदन लेकर डीएम से गुहार लगाने पहुंची. इस दौरान आवेदन पढ़ते ही जिलाधिकारी भावुक हो गईं. उन्होंने उठकर बुजुर्ग महिला को गले लगा लिया और तुरंत संबंधित अफसरों को कार्यवाही का आश्वासन दिया. यह बुजुर्ग महिला 1 साल से तहसील के चक्कर लगा रही थीं. जब काम नहीं हुआ तो बुजुर्ग महिला ने अपने हाथों से चिट्ठी लिखी और जिलाधिकारी से गुहार लगाने पहुंच गईं.

दरअसल, जिले की भोगनीपुर तहसील के मलासा ब्लॉक के धौकलपुर गांव में रहने वाली 77 वर्षीय कुसुम सिंह 1 साल से तहसील और लेखपाल के चक्कर लगा रही थीं, लेकिन लेखपाल काम नहीं कर रहा था.

इसके बाद कुसुम सिंह अपने घर से करीब 17 किलोमीटर दूर डीएम ऑफिस पहुंच गईं. बुजुर्ग कुसुम सिंह ने डीएम नेहा जैन (DM Neha Jain) से मुलाकात की और चिट्ठी देते हुए अपनी पीड़ा सुनाई. बुजुर्ग महिला की चिट्ठी पढ़कर और उनकी पीड़ा सुनकर डीएम नेहा जैन भावुक हो गईं. वो अपनी कुर्सी से उठीं और वृद्धा को गले लगा लिया.

बुजुर्ग महिला के पति की कैंसर से हो गई थी मौत

पत्र पढ़कर DM नेहा जैन हुईं भावुक.

कुसुम सिंह के पति छविनाथ सिंह कोलकाता में नौकरी करते थे. साल 1981 में कैंसर की वजह से उनकी मौत हो गई थी. तब कुसुम अपने गांव आ गई थीं. इनकी दो बेटियां विमला और गुड्डन व एक बेटा राजेश है. दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है. बड़ी बेटी विमला कैंसर से पीड़ित हैं, उनका इलाज इंदौर में चल रहा है. बेटा दीपेश बहू और बच्चों के साथ अलग रहता है. कुसुम सिंह गांव में अकेली रहती हैं. पति की गांव में 6-7 बीघा जमीन थी, वो बेटे के नाम हो गई थी.

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इसके बाद कुसुम सिंह को पता चला कि उनके पति के नाम कुछ और जमीन है, जो गिर्दी गांव में है. कुसुम सिंह उसी जमीन को अपने नाम करवाने के लिए एक साल से तहसील और लेखपाल के चक्कर लगा रही थीं. कुसुम सिंह जब परेशान हो गईं तो डीएम के नाम एक चिट्ठी लिखी और कार्यालय पहुंच गईं.

बुजुर्ग महिला ने चिट्ठी में क्या लिखा?

पत्र पढ़कर DM नेहा जैन हुईं भावुक.

मेरी प्रिय डीएम बिटिया को मेरा बहुत-बहुत प्यार एवं आशीर्वाद, ढेर सारी शुभकामनाएं. सविनय निवेदन है कि कुसुम सिंह पत्नी स्व. छविनाथ सिंह ग्राम धोकरपुर तहसील भोगनीपुर कानपुर देहात की निवासिनी हूं. मेरे पति की कैंसर की से मौत हो गई थी. मेरी 6, 7 बीघा जमीन थी, जो लड़के के नाम हो गई है. प्रिय बिटिया इस समय मेरी उम्र 77 साल की है. लड़का बहू खाना देना नहीं चाहते हैं. इसी बीच मुझे पता चला कि मेरे पति की कुछ जमीन गिर गिर्दो गांव में है. मैं पिछले साल भोगनीपुर तहसील गई, वहां पता लगाया कि गिर्दो का लेखपाल कौन है. पता लगा कि हरीराम हैं. मैंने उनसे कहा कि मेरे पति की जमीन मेरे नाम कर दो. 1 साल से चक्कर लगा रही हूं. मेरी अच्छी सी बिटिया आप से मेरा अनुरोध है कि आप मेरी मदद करें, ताकि मेरा काम हो जाए तो मोदी की योजना का लाभ मिल जाए. मुझे कुछ सहायता मिल जाए. मैं आपके बारे में सुन चुकी हूं कि आप बुजुर्ग व बेघरों की बहुत मदद करती हैं. मदद के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद. शुभकामनाओं सहित आपकी दादी अम्मा कुसुम सिंह.

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डीएम ने अम्मा को सरकारी गाड़ी से SDM के पास भेजा

इस चिट्ठी को पढ़कर डीएम नेहा जैन ने तुरंत उठकर अम्मा को गले लगा लिया और एसडीएम भोगनीपुर को फोन कर निर्देश दिए कि अम्मा का काम तुरंत किया जाए. उन्होंने अम्मा को अपनी सरकारी गाड़ी से एसडीएम भोगनीपुर के पास भेजा. भोगनीपुर तहसील में एसडीएम से मुलाकात की. एसडीएम ने लेखपाल को मौके पर बुलाया. लेखपाल से जब जमीन को दिखाया गया, तो पता चला कि 1 साल पहले ही जमीन अम्मा के नाम दर्ज हो चुकी है.

बेटे के कहने पर लेखपाल छिपा रहा था मामला

दरअसल, लेखपाल उस बात को छिपा रहा था, क्योंकि अम्मा के बेटे ने उन्हें बताने से मना किया था. मामला जब सामने आया तो अम्मा के बेटे ने उन्हें घर जाकर सारी बात बताई. अम्मा ने फोन पर कहा कि डीएम के आदेश पर उनका यह काम जो उनसे छिपाया गया था, वह सामने आ गया है. पति के नाम की जमीन उनके नाम हो गई है.

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