उत्तर प्रदेश से 5020 श्रमिक इजरायल में काम करने के लिए चयनित हुए हैं. कुल 7094 लोगों ने टेस्ट दिया था. चयनित हुए श्रमिकों को नियुक्ति पत्र दिया जा रहा है. ये सभी इजराइल में युद्ध के बाद पुनर्निर्माण में अपना योगदान देंगे. चुने गए इन कुशल श्रमिकों को 1 लाख 37 हजार रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा. साथ में रहने और साइट पर आने जाने की मुफ्त सेवा भी मिलेगी. इजरायल में ये लोग तीन साल तक सेवाएं देंगे.
भारत सरकार व इजरायल सरकार के बीच हुए समझौते के अंतर्गत प्लास्टिक वर्क, सिरेमिक टाइल्स, बिल्डिंग फ्रेमवर्क, आयरन वेल्डिंग के कुशल कारीगर टेस्ट के बाद विदेश जा रहे हैं. इजरायल से आई टीम ने इनकी टेस्टिंग की थी. राष्ट्रीय कौशल विकास निगम सेलेक्टेड श्रमिकों को बीमा का लाभ भी देगी. प्रत्येक श्रमिक का 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा होगा.
बता दें कि लखनऊ के अलीगंज आईटीआई में इजरायल से आई एक्सपर्ट की टीम ने 7000 से ज्यादा श्रमिकों का स्किल टेस्ट लिया था. जिसमें 5020 श्रमिकों का चयन हुआ है. इसमें प्लास्टर के लिए 913, टाइल्स फिटिंग के लिए 323, फ्रेमवर्क के लिए 1608 और वेल्डिंग के लिए 1316 श्रमिक सेलेक्ट हुए हैं.
गौरतलब है कि इजरायल और हमास के बीच जारी जंग के चलते वहां काम करने वालों की कमी हो गई है. ऐसे में भारत और इजरायल की सरकार ने एक समझौता किया है. इस समझौते के तहत भारत के लोगों को इजरायल भेजा जा रहा है. इस क्रम में अब उत्तर प्रदेश के 5 हजार से ज्यादा श्रमिकों को इजरायल में नौकरी मिली है.
जिन लोगों का चयन किया गया है वे इजरायल जाकर मिस्त्री का काम काम करेंगे. वे प्लास्टर का काम, सिरैमिक टाइल्स लगाने का काम और इसी तरह के कई अन्य काम करेंगे. इन सभी लोगों को इजरायल में काम करने के बदले 1.37 लाख रुपये की सैलरी मिलेगी. तीन साल की इस जॉब में करीब 49.32 लाख रुपये मिलेंगे. इसके अलावा वहां रहने के लिए आवासीय व्यवस्था और साइट पर आने-जाने का खर्च भी मिलेगा.