scorecardresearch
 

ATS-NIA और ED अफसर बनकर धमकाया... महिला डॉक्टर से मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर 1.58 करोड़ की साइबर ठगी

गोरखपुर के कैंट क्षेत्र में 64 वर्षीय डॉ. मंजुला श्रीवास्तव को जालसाजों ने एटीएस, एनआईए और ईडी अफसर बनकर वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट कर लिया. मनी लॉन्ड्रिंग में नाम आने का डर दिखाकर आठ दिन तक बंधक रखा और 1.58 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए. ठगी का अहसास होने पर पीड़िता ने 25 फरवरी को साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी.

Advertisement
X
8 दिन तक रखा बंधक.(Photo: Representational)
8 दिन तक रखा बंधक.(Photo: Representational)

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के कैंट इलाके में रहने वाली 64 वर्षीय डॉ. मंजुला श्रीवास्तव को डिजिटल अरेस्ट कर जालसाजों ने 1.58 करोड़ रुपये ठग लिए. जालसाजों ने खुद को एटीएस, एनआईए और ईडी का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल किए. उन्होंने डॉक्टर से कहा कि उनका नाम मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आया है. यह सुनते ही डॉक्टर घबरा गईं और जालसाजों के निर्देशों का पालन करने लगीं.

जालसाजों ने जांच के नाम पर उन्हें लगातार अपने नियंत्रण में रखा. इस दौरान डॉक्टर आठ दिनों तक डिजिटल अरेस्ट की स्थिति में रहीं. डर और दबाव में आकर उन्होंने कथित जांच प्रक्रिया के तहत 1.58 करोड़ रुपये जालसाजों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए.

यह भी पढ़ें: गोरखपुर: BRD मेडिकल कालेज के ट्रॉमा वार्ड में इंटर्न डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के बीच मारपीट, Video

8 दिन तक वीडियो कॉल के जरिए रखा नियंत्रण में

पूरे घटनाक्रम के दौरान जालसाज खुद को केंद्रीय एजेंसियों का अधिकारी बताते रहे. उन्होंने वीडियो कॉल के माध्यम से डॉक्टर को यह विश्वास दिलाया कि वह गंभीर आर्थिक अपराध की जांच के दायरे में हैं. इसी बहाने उन्हें लगातार निगरानी में रखा गया और किसी से संपर्क न करने के लिए कहा गया.

जब डॉक्टर को ठगी का अहसास हुआ, तब उन्होंने 25 फरवरी को साइबर क्राइम थाने में तहरीर दी. शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है.

Advertisement

पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों के अनुसार आरोपियों की पहचान और ट्रांजैक्शन की जानकारी जुटाई जा रही है. साइबर क्राइम टीम पूरे मामले की पड़ताल में लगी हुई है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement