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Global Investor Summit: नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 1.76 लाख करोड़ निवेश के लिए डील, मिलेगा रोजगार

कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी के साथ ऑस्ट्रेलिया व सिंगापुर जाकर नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बड़े पैमाने पर निवेश करने के लिए निवेशकों के साथ करार करने में सफल रही हैं. उसके बाद मुंबई व चंडीगढ़ समेत कई अन्य शहरों के साथ बड़े निवेश को लाने में सीईओ ने अहम भूमिका निभाई है. ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक निवेश के अंतर्गत 44 एमओयू से 27757 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद जगी है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

लखनऊ में चल रहे तीन दिवसीय यूपी ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट में नोएडा-ग्रेटर नोएडा बड़ी भूमिका निभा रहे हैं. नोएडा में करीब 89 हजार करोड़ और ग्रेटर नोएडा में करीब 87 हजार करोड़ रुपये के निवेश के लिए निवेशकों से करार हुए हैं. इससे कई लोगों को रोजगार मिलेगा. दोनों प्राधिकरणों की तरफ से लगाए स्टाल में इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही लैंड बैंक व आगामी योजनाओं को प्रदर्शित किया गया है. ग्रेटर नोएडा के स्टाल पर आईआईटीजीनएल के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी प्रदर्शित किया गया है. तमाम निवेशक इसे देखने भी पहुंचे.

1.76 लाख करोड़ रुपये के निवेश के लिए करार
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में निवेश के लिए देश ही नहीं, दुनियां भर के निवेशक आतुर हैं. नोएडा-ग्रेटर नोएडा के साथ भारी संख्या में निवेशकों के करार से यह बात साबित भी होती है. दोनों शहरों में निवेश के लिए करीब 1.76 लाख करोड़ रुपये के निवेश के लिए करार हुए हैं. इसमें से नोएडा के साथ करीब 89 हजार करोड़ रुपये और लगभग 87 हजार करोड़ के निवेश का करार ग्रेटर नोएडा के साथ हुआ है. इतने बड़े स्तर पर एमओयू को कराने में नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने बड़ी भूमिका निभाई है. 

44 एमओयू से 27757 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद
कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी के साथ ऑस्ट्रेलिया व सिंगापुर जाकर नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बड़े पैमाने पर निवेश करने के लिए निवेशकों के साथ करार करने में सफल रही हैं. उसके बाद मुंबई व चंडीगढ़ समेत कई अन्य शहरों के साथ बड़े निवेश को लाने में सीईओ ने अहम भूमिका निभाई है. ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक निवेश के अंतर्गत 44 एमओयू से 27757 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद जगी है. वाणिज्यिक निवेश के अंतर्गत 18 करार से 10210 करोड़ रुपये के निवेश की आस है. बिल्डरों के 43 एमओयू से 32606 करोड़, आईटी के 11एमओयू से 12765 करोड़, इंस्टीट्यूशनल के 16 एमओयू से 1857 करोड़ और आईआईटीजीएनएल में निवेश के लिए पांच एमओयू हुए हैं, जिनसे 2245 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है. 

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ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट में स्टाल
इतने बड़े पैमाने पर निवेश से लाखों युवाओं को रोजगार मिलने की भी उम्मीद जगी है. नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट में स्टाल भी लगाये गए हैं, जिनमें यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है. जमीन की उपलब्धता, मौजूदा स्कीम आदि के बारे में भी जानकारी दी गई है. प्रदेश के स्टांप पंजीयन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा के स्टाल का जायजा भी लिया. इससे पहले नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी भी स्टाल का जायजा ले चुकी हैं. तमाम निवेशक व वीआईपी दोनों स्टालों पर प्रदर्शित इंफ्रास्ट्रक्चर व योजनाओं के बारे में जानकारी ले रहे हैं. सीईओ रितु माहेश्वरी ने निवेशकों को नोएडा-ग्रेटर नोएडा के प्रति इतना भरोसा जताने के लिए आभार जताया है.

पीएम व सीएम के संबोधनों में भी नोएडा-ग्रेनो
ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोबाइल मैनुफैक्चरिंग के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का जिक्र किया है. उसके केंद्र में नोएडा-ग्रेटर नोएडा ही हैं. नोएडा-ग्रेटर नोएडा मोबाइल मैनुफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित हो चुके हैं. मुख्यमंत्री ने भी निवेश के लिए सर्वाधिक करार इलेक्ट्रॉनिक्स, रियल एस्टेट, टैक्सटाइल, आईटी आदि क्षेत्रों में होने की बात कही है. इसके भी केंद्र में नोएडा-ग्रेटर नोएडा ही हैं. अब तक हुए करार के मद्देनजर निवेश के मामले में नोएडा-ग्रेटर नोएडा आने वाले दिनों देश के तमाम बड़े औद्योगिक शहरों को पीछे छोड़ सकते हैं.

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