उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की रहने वाली एक छात्रा, जो प्रयागराज में रहकर पढ़ाई कर रही थी. उसका शव झांसी-उरई हाइवे के जंगलों में मिला. इस मामले ने उस समय नया मोड़ लिया, जब पुलिस ने खुलासा किया कि छात्रा का शव उसके प्रेमी शिखर शुक्ला ने 300 किमी तक गाड़ी में रखा और जंगल में फेंक दिया.
मृतक छात्रा अमृता पिछले महीने प्रयागराज गई थी. उसके पिता रविकरन सिंह ने 25 अक्टूबर को फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई. काफी खोजबीन के बाद भी जब कुछ पता नहीं चला, तो 10 नवंबर को थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने कॉल डिटेल और आसपास के जिलों में तलाशी शुरू की.
जंगल में मिला छात्रा का शव
झांसी-उरई हाइवे पर मिले शव की पहचान अमृता के रूप में हुई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी लगने से मौत की पुष्टि हुई. जांच के दौरान पता चला कि अमृता का कानपुर के शिखर शुक्ला के साथ प्रेम संबंध था. अमृता ने 21 अक्टूबर को शिखर को मिलने के लिए बुलाया था और शादी का दबाव बनाया.
पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की
शिखर जब प्रयागराज पहुंचा तो अमृता का शव कमरे में फंदे से लटका मिला. घबराकर उसने शव को गाड़ी में डाला और झांसी-उरई हाइवे पर फेंक दिया. डीएसपी राजीव प्रताप सिंह ने बताया कि शिखर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है.