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गाजियाबाद: कहीं 6 तो कहीं 8 घंटे तक बिजली गुल, गर्मी ने लोगों का जीना किया मुश्किल

गाजियाबाद में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट गहराता जा रहा है. अघोषित कटौती, बार-बार ट्रिपिंग और फॉल्ट से लोग परेशान हैं. कई इलाकों में 3 से 5 घंटे तक बिजली गुल रही. 45 डिग्री तापमान में लोग गर्मी से बेहाल हैं. विभाग पर्याप्त सप्लाई का दावा कर रहा है, लेकिन जमीनी हालात खराब बताए जा रहे हैं.

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गाजियाबाद में अघोषित बिजली कटौती से जनता परेशान. (Photo: Screengrab)
गाजियाबाद में अघोषित बिजली कटौती से जनता परेशान. (Photo: Screengrab)

गाजियाबाद में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट लगातार बढ़ता जा रहा है. शहर में अघोषित कटौती, बार-बार ट्रिपिंग और तकनीकी खराबियों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बावजूद शहरवासियों को पूरी बिजली सप्लाई नहीं मिल पा रही है. विभाग दावा कर रहा है कि व्यवस्था सामान्य है, लेकिन लोग अलग ही स्थिति बता रहे हैं.

शहर की पॉश कॉलोनियों से लेकर सामान्य इलाकों तक बिजली संकट का असर देखा जा रहा है. वैशाली, वसुंधरा, खोड़ा, प्रताप विहार, संजय नगर, विजयनगर और सुदामापुरी जैसे इलाकों में 3 से 5 घंटे तक बिजली गुल रहने की शिकायतें सामने आई हैं. 45 डिग्री तापमान में लोग घरों में कैद होकर गर्मी झेलने को मजबूर हैं.

लोगों का कहना है कि बिजली कटौती के कारण पानी की भी किल्लत पैदा हो रही है. कई इलाकों में सुबह के समय पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे लोगों को बाहर से पानी खरीदकर काम चलाना पड़ रहा है. लगातार ट्रिपिंग से पंखे और कूलर भी बार-बार बंद हो रहे हैं.

भीषण गर्मी में गाजियाबाद में बिजली संकट गहराया

बिजली विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शहर में इस समय बिजली की मांग 1800 से 1900 मेगावॉट तक पहुंच रही है, जबकि सप्लाई 1600 से 1700 मेगावॉट तक ही हो पा रही है. इसी अंतर के कारण लोड बढ़ते ही सप्लाई प्रभावित हो रही है और फॉल्ट की समस्या सामने आ रही है.

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कई जगहों पर तकनीकी खराबियां भी परेशानी बढ़ा रही हैं. सुदामापुरी इलाके में शनिवार रात 2 बजे गई बिजली रविवार सुबह 8 बजे लौटी. बहरामपुर में एलटी लाइन खराब होने से रात 1 बजे से सुबह 5 बजे तक बिजली बाधित रही. संजय नगर में ओवरलोडिंग के कारण सुबह 4 बजे लाइन ट्रिप हो गई.

पिछले एक साल में बिजली व्यवस्था सुधारने के नाम पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाने के बावजूद स्थिति में खास सुधार नहीं दिख रहा है. लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं कि कागजों में व्यवस्था ठीक दिखाई जा रही है, लेकिन जमीन पर हालात खराब हैं.

सप्लाई और डिमांड में अंतर से बिगड़ा बिजली संतुलन

बीती 18 मई को मधुबन बापूधाम 220 केवी सब-स्टेशन की लाइन ट्रिप होने पर एक अधिशासी अभियंता को सस्पेंड भी किया गया था. उस समय भी कई बड़े इलाके घंटों अंधेरे में रहे थे. बिजली विभाग के मुख्य अभियंता पवन अग्रवाल ने कहा कि बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं. जहां भी फॉल्ट या ट्रिपिंग हो रही है, उसे समय पर ठीक कराया जा रहा है. कंट्रोल रूम के माध्यम से निगरानी की जा रही है और शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है.
 

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