उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति का असर अब जमीनी स्तर पर साफ दिखाई देने लगा है. गाजियाबाद के कोतवाली क्षेत्र के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में जब पुलिस अपराधियों के सत्यापन और चिन्हीकरण अभियान के तहत पहुंची, तो एक अनोखा दृश्य देखने को मिला. पुलिस के पहुंचने की सूचना मिलते ही कई अपराधी स्वयं पोस्टर और बैनर लेकर सड़कों पर उतर आए तथा अपराध से तौबा करने की कसमें खाते नजर आए.
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल, एसीपी उपासना पांडेय और भारी पुलिस बल के साथ क्षेत्र में अपराधियों के सत्यापन अभियान का नेतृत्व कर रहे थे. अभियान का उद्देश्य गैंगस्टर, लूट, महिला अपराध एवं अन्य गंभीर मामलों में संलिप्त अपराधियों का सत्यापन और चिन्हीकरण करना था, ताकि उनकी गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके.
दर्जनों अपराधी पोस्टर लेकर सड़क पर आ गए
अभियान के दौरान दर्जनों अपराधी पोस्टर लेकर बाहर निकल आए. पोस्टरों पर अपराध न करने की शपथ लिखी हुई थी. कई लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार से माफी मांगते हुए भविष्य में अपराध से दूर रहने का संकल्प भी दोहराया. 'योगी जी हमें माफ कर दो, हम आगे से कोई अपराध नहीं करेंगे.' वहीं कुछ पोस्टरों पर 'हम वादा करते हैं कि भविष्य में किसी भी प्रकार का अपराध नहीं करेंगे' जैसे संदेश लिखे हुए थे.
एक हजार से अधिक अपराधियों का सत्यापन किया गया
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि क्षेत्र में एक हजार से अधिक अपराधियों का सत्यापन किया जाना है. अभियान के तहत यह जानकारी भी एकत्र की जा रही है कि संबंधित व्यक्ति वर्तमान में क्या कार्य कर रहा है और कहीं वह किसी नए आपराधिक गतिविधि में तो संलिप्त नहीं है. पुलिस द्वारा उनके वर्तमान पते, पहचान और गतिविधियों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है ताकि भविष्य में किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके.
पुलिस के इस सघन अभियान ने क्षेत्र में स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अपराधियों के लिए अब बच निकलने की कोई गुंजाइश नहीं है. योगी सरकार की सख्त कानून-व्यवस्था नीति के बीच गाजियाबाद में अपराधियों का इस तरह सार्वजनिक रूप से अपराध छोड़ने की बात कहना चर्चा का विषय बना हुआ है.