scorecardresearch
 

पहले गोली मारी, फिर चाकू से गोद डाला, अब गिरफ्तार... गोरखपुर राजकुमार चौहान हत्याकांड की पूरी कहानी

गोरखपुर में पूर्व भाजपा पार्षद और प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार चौहान की हत्या से सनसनी फैल गई. पुलिस ने महज कुछ ही घंटों में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. रंजिश के चलते मॉर्निंग वॉक पर निकले नेता को पहले गोली मारी गई और फिर चाकू से 11 वार कर मौत के घाट उतार दिया गया.

Advertisement
X
गोरखपुर में राजकुमार चौहान के 'कातिल' गिरफ्तार (Photo- ITG)
गोरखपुर में राजकुमार चौहान के 'कातिल' गिरफ्तार (Photo- ITG)

गोरखपुर के चिलुआताल थाना क्षेत्र में बुधवार को पुलिस ने भाजपा नेता राजकुमार चौहान की हत्या के आरोप में राज चौहान उर्फ निरहुआ और विपिन यादव को गिरफ्तार किया. मंगलवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे जब चौहान अपने घर के पास टहलने निकले थे, तब इन डंपर ड्राइवरों ने उन पर हमला किया था. आरोपियों ने बदला लेने के लिए पहले गोली चलाई और फिर चाकू से कई वार किए, जिससे अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. पूछताछ में खुलासा हुआ कि चौहान के भतीजे से हुई पुरानी लड़ाई का बदला लेने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया गया. सीसीटीवी फुटेज की मदद से पहचान कर पुलिस ने दोनों को दबोच लिया.

भतीजे से विवाद और 4 महीने की रंजिश

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि यह हत्या बदले की भावना से की गई थी. दरअसल, दो महीने पहले राजकुमार चौहान के भतीजे ने राज चौहान पर हमला किया था. 

इस विवाद में भाजपा नेता द्वारा अपने रिश्तेदार का पक्ष लेने से आरोपी भड़क गए थे. लगभग चार महीने से मन में रंजिश पाले इन युवकों ने मंगलवार की सुबह को हमले के लिए चुना. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर चाकू के 11 गहरे घाव मिले हैं, जो हमले की क्रूरता को दर्शाते हैं.

पीड़ित परिवार को सुरक्षा 

वारदात के बाद स्थानीय लोगों ने गोरखपुर-सोनौली मार्ग जाम कर विरोध प्रदर्शन किया, जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद नियंत्रित किया. एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि एफआईआर में आठ लोगों को नामजद किया गया है, जिनकी भूमिका की जांच जारी है. वहीं, जिलाधिकारी दीपक मीणा ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई है. प्रशासन ने मृतक के बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था करने और परिवार के किसी योग्य सदस्य को नौकरी दिलाने का भरोसा भी दिया है. आर्थिक मदद के लिए भी शासन को अवगत कराया गया है.

Advertisement

जांच में जुटी पुलिस टीमें

हालांकि पुलिस को अभी तक हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद नहीं हुआ है, लेकिन साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई तेज कर दी गई है. एसएसपी के अनुसार, पकड़े गए दोनों आरोपी मुख्य रूप से संलिप्त पाए गए हैं. परिवार द्वारा नामजद किए गए अन्य आरोपियों के खिलाफ भी जांच की जा रही है ताकि साजिश के हर पहलू को बेनकाब किया जा सके. फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बनी हुई है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement