
यूपी के इटावा में नमाज पढ़कर लौट रहे महोला जेल में तैनात एक सिपाही को हिस्ट्रीशीटर बदमाश ने रंगदारी वसूलने के इरादे से रोक लिया. विरोध करने पर आरोपी ने सिपाही के साथ मारपीट की और कार में भी जमकर तोड़फोड़ की.
घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया और थोड़ी ही देर में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल, उसे जेल भेज दिया गया है. सिपाही पर हमला मंगलवार रात हुआ था.
आपको बता दें कि मुरादाबाद जिला के निवासी अर्श मलिक महोला जेल में सिपाही के पद पर तैनात है. अर्श मलिक ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि मंगलवार रात वह शहर की रजा मस्जिद से इशा की नमाज अदा करने के बाद जेलर की कार से महोला जेल लौट रहा था. जैसे ही वह शहर के कुनैरा मोड़ पर पहुंचा, तभी अचानक एक कार ने उसकी गाड़ी के आगे आकर रास्ता रोक लिया.
आरोप है कि कार से उतरे व्यक्ति ने खुद को सिकंदर यादव निवासी कुनैरा बताते हुए उससे रंगदारी की मांग शुरू कर दी. जब सिपाही ने इसका विरोध किया और खुद को जेल कर्मी बताते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की, तो आरोपी उग्र हो गया. उसने गाली-गलौज करते हुए कार में तोड़फोड़ शुरू कर दी. शीशे तोड़ दिए गए और वाहन को नुकसान पहुंचाया गया. आरोपी ने सिपाही को कार से बाहर खींच लिया और सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटना शुरू कर दिया. अचानक हुई इस घटना से मौके पर मौजूद लोग भी सहम गए.

मारपीट के दौरान सिपाही को गंभीर चोटें आईं. इसी बीच पीएसी के सिपाहियों ने स्थिति को भांपते हुए बीच-बचाव किया और घायल सिपाही को आरोपी के चंगुल से छुड़ाया. इसके बाद भी आरोपी सिपाही पर हमला करता रहा.
फौरन घटना की सूचना पुलिस को दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल सिपाही को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर रंगदारी, मारपीट, धमकी और तोड़फोड़ की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया.
थाना प्रभारी के अनुसार, आरोपी सिकंदर यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपी थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ पहले से 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें मारपीट, लूट, धमकी और अन्य संगीन अपराध शामिल हैं.