उत्तर प्रदेश पुलिस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ है. जिसमें दिखा कि कैसे डीआईजी के सामने सब इंस्पेक्टर राइफल में गोली भी नहीं डाल पाया. SI ने राइफल की नली में ही गोली डाल दी. वहीं एक चौकी इनचार्ज को टीयर गन ऑपरेट करना नहीं आया. मामला उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर का है.
मंगलवार, 27 दिसंबर को बस्ती मंडल के डीआईजी (DIG) आरके भारद्वाज संत कबीर नगर में थानों का निरीक्षण करने निकले थे. इसी दौरान वह यहां के खलीलाबाद कोतवाली पहुंचे. DIG ने यहां थाने का निरीक्षण किया. फिर वहां तैनात पुलिसकर्मियों को सर्विस हथियार ऑपरेट करके दिखाने को कहा. पुलिसकर्मियों को पिस्टल, टीयर गन जैसे वो हथियार ऑपरेट करके दिखाने थे, जिन्हें पुलिस वालों को कभी भी इस्तेमाल करना पड़ सकता है.
DIG के सामने पुलिसकर्मी हथियारों को ऑपरेट करके दिखा रहे थे. लेकिन इस दौरान एक SI को यह नहीं पता था कि राइफल में गोली कहां से डाली जाती है. SI ने DIG के सामने बंदूक की नली में गोली डाली और फायर करने की कोशिश की. इसे देखकर DIG खुद दंग रह गए. वहीं, SI के पास खड़े दूसरे पुलिस वाले भी हैरान रह गए. इसका वीडियो भी सामने आया है. जब डीआईजी ने SI से पूछा कि गोली क्यों नहीं चली? तो SI ने कहा, ''ये ऐसा फायर था जिससे किसी को चोट न लगे.''
जानकारी के मुताबिक, इसी दौरान खलीलाबाद कोतवाली में आने वाली चौकी के इनचार्ज को टीयर गन ऑपरेट करके दिखाने को कहा गया. लेकिन काफी कोशिश करने के बाद भी चौकी इनचार्ज टीयर गन नहीं ऑपरेट कर पाए.
प्रैक्टिस करने को कहा
पुलिसकर्मियों को हथियार ऑपरेट करके दिखाने को इसलिए कहा गया था क्योंकि DIG ये देखना चाहते थे कि इमरजेंसी में अपराधियों का सामना करने के लिए पुलिसकर्मी तैयार हैं या नहीं. पुलिस डिपार्टमेंट के जूनियर और सीनियर पुलिसकर्मियों की इस हालत पर DIG भारद्वाज ने कहा, ''जवान पिस्टल ओपन नहीं कर पा रहे हैं. जाहिर है कि इमरजेंसी में इनकी जान भी जा सकती है.''
DIG ने इस मामले में मीडिया को बताया, ''जो भी खामियां मिली हैं, वो खामियां कहीं न कहीं ट्रेनिंग या रिहर्सल न होने का ही नतीजा था. हम लोग ये प्रैक्टिस उन परिस्थितियों के लिए करते हैं, जो भविष्य में कभी भी हो सकती हैं. जो कमी आई है, उसे प्रॉपर ट्रेनिंग से पूरा करेंगे.''
डीआईजी ने ट्रेनिंग के आदेश किए जारी
इसी के साथ DIG ने पुलिसकर्मियों को कड़ी ट्रेंनिंग दिए जाने के आदेश जारी किए हैं. साथ ही कहा है कि सभी को इमरजेंसी स्थिति के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए. सभी जवान लगातार प्रैक्टिस करते रहें.