मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान हाल ही में लखीमपुर खीरी, अमरोहा, आगरा और अलीगढ़ में हुए सड़क हादसों पर गहरी चिंता जताते हुए सख्त संदेश दिया है. उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए 'टॉप टू बॉटम' जवाबदेही तय करने और शासन स्तर पर हर 15 दिन में इसकी समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं.
सड़कों पर स्टंटबाजी, ओवर स्पीडिंग और शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले लोगों को किसी भी कीमत पर न बख्शने का फैसला लेते हुए अधिकारियों को जिला प्रशासन और परिवहन विभाग के साथ मिलकर सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है.
अवैध स्टैंड और बिना फिटनेस वाहनों पर लगेगी पूरी रोक
सीएम योगी ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग को निर्देश दिया है कि सड़कों से सभी अवैध स्टैंड हटाए जाएं और सड़क किनारे होने वाली अवैध पार्किंग पर पूरी तरह रोक लगाई जाए. उन्होंने साफ कहा कि बिना फिटनेस वाले स्कूल वाहन किसी भी हाल में सड़क पर नहीं चलने चाहिए. इसके अलावा, जिन वाहनों के बार-बार चालान हो रहे हैं, उनके परमिट तुरंत रद्द किए जाएं.
यूपी बना 'जीरो फैटिलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना' लागू करने वाला पहला राज्य
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जहां 75 जिलों के 487 क्रिटिकल पुलिस थानों पर ‘जीरो फैटिलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना’ लागू की जा चुकी है. इन प्रयासों के चलते जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच सड़क दुर्घटनाओं में 21 प्रतिशत और मौतों में 22 प्रतिशत की कमी आई है, जिससे पिछले चार महीनों में 566 लोगों की जान बचाई गई है.