उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान-2026 के कार्यक्रम में भाग लिया. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि देश के विभाजन के जिन कारणों ने भारत को दो टुकड़ों में बांटा था, उसी तुष्टिकरण की राजनीति को कांग्रेस ने आजादी के तुरंत बाद फिर से शुरू कर दिया था. इसी प्रवृत्ति को देखते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने भारत की राष्ट्रीयता और बेहतर भविष्य के लिए एक नए राजनीतिक दल के गठन का फैसला किया.
सीएम योगी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान निर्मित हुआ और 26 जनवरी 1950 को इसे अंगीकार किया गया. भारत ने संसदीय शासन प्रणाली को अपने यहां अपनाया, जिसमें जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि के हाथों में उसकी बागडोर होगी.
उन्होंने कहा कि इसी व्यवस्था के तहत जनता का चुना हुआ नेता देश में प्रधानमंत्री और राज्यों में मुख्यमंत्री के रूप संसदीय व्यवस्था का संचालन करेगा.
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि लेकिन पहले आम चुनाव से पहले ही कांग्रेस नेतृत्व ने (जिनके कारण देश का विभाजन हुआ) तुष्टिकरण की राजनीति को दोबारा बढ़ावा देना शुरू कर दिया था. जब भारत में संविधान अमल में ला जा रहा था, तब कांग्रेस ने उसकी आड़ में तुष्टिकरण का खेल शुरू कर दिया.
मुख्यमंत्री ने RSS का जिक्र करते हुए दावा किया कि इसी देखकर तब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लगा की, हमें कोई एक ऐसा दल जरूर गठन करना चाहिए जो देश के अंदर मूल्यों के लिए. आदर्शों के लिए, भारत की राष्ट्रीयता को ध्यान में रख कर काम करे. जो वर्तमान को संवारने और भावी पीढ़ी के बेहतर भविष्य की दिशा में प्रभावी कार्य योजना बनाने में योगदान दे सके.