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54वें जन्मदिन पर CM योगी का हरित संकल्प, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का शुभारंभ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने 54वें जन्मदिन और विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर लखनऊ के कुकरैल वन क्षेत्र से एक पेड़ मां के नाम महाअभियान की शुरुआत की. प्रदेश में एक दिन में पांच करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है. इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ की सादगीपूर्ण जीवनशैली और लंबे राजनीतिक सफर की भी चर्चा रही.

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54वें जन्मदिन पर CM योगी ने शुरू किया महावृक्षारोपण अभियान. (Photo: ITG)
54वें जन्मदिन पर CM योगी ने शुरू किया महावृक्षारोपण अभियान. (Photo: ITG)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने 54वें जन्मदिन और विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुरुवार को राजधानी लखनऊ के कुकरैल वन क्षेत्र से राज्यव्यापी वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की. ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाअभियान के तहत शुरू किए गए इस कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से मातृत्व, मातृभूमि और प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया. मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक ही दिन में पांच करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी सरकारी विभागों, मंडलों और जिलों को पहले से जिम्मेदारियां और लक्ष्य आवंटित किए जा चुके हैं. सरकार का उद्देश्य प्रदेश में हरित आवरण बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता को मजबूत करना है.

योगी आदित्यनाथ अपने जन्मदिन को व्यक्तिगत उत्सव के रूप में मनाने के बजाय सामाजिक और जनहित से जुड़े कार्यक्रमों के लिए समय देने के लिए जाने जाते हैं. इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने इस बार भी अपने जन्मदिन पर वृक्षारोपण अभियान को प्राथमिकता दी.  उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ ने राज्य में कई बड़ी विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाया है. उनके कार्यकाल में अयोध्या में भगवान राम मंदिर का निर्माण प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रहा है. वहीं साल 2025 के महाकुंभ के सफल आयोजन को भी उनकी प्रशासनिक क्षमता का उदाहरण माना जाता है.

एक दिन में पांच करोड़ पौधे लगाने का रखा गया लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई अवसरों पर उनके नेतृत्व और कार्यशैली की सराहना कर चुके हैं. भारतीय जनता पार्टी के भीतर योगी आदित्यनाथ को नई पीढ़ी के बीच लोकप्रिय और प्रभावशाली नेता के रूप में देखा जाता है. मुख्यमंत्री की पहचान केवल एक राजनेता के रूप में ही नहीं, बल्कि एक अनुशासित और सादगीपूर्ण जीवन जीने वाले व्यक्ति के रूप में भी है. चाहे वह लखनऊ में हों या गोरखनाथ मठ में, उनकी दिनचर्या लगभग एक जैसी रहती है. वह प्रतिदिन सुबह चार बजे उठते हैं और अपने दैनिक कार्यों के बाद लगभग एक घंटा पूजा-अर्चना में बिताते हैं.

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योगी आदित्यनाथ भगवान शिव, शक्ति, गुरु गोरखनाथ और अपने गुरु अवैद्यनाथ की नियमित पूजा करते हैं. प्रत्येक सोमवार को वह हवन भी करते हैं. उनका जीवन नशे और मादक पदार्थों से पूरी तरह दूर है और गोरखनाथ मठ में भी ऐसी गतिविधियों की अनुमति नहीं है. गोरखनाथ मठ में रहने के दौरान वह प्रतिदिन गोशाला में समय बिताते हैं. वहां 500 से अधिक गायें हैं, जिनकी देखभाल में वह व्यक्तिगत रुचि लेते हैं. हाल ही में गोशाला में पुंगनूर नस्ल की गायों को भी शामिल किया गया है. मुख्यमंत्री ने एक बछिया का नाम भवानी और एक बछड़े का नाम भोलू रखा है.

उनकी खान-पान की आदतें भी उनकी सादगी को दर्शाती हैं. वह दिन की शुरुआत गुड़ और तुलसी के काढ़े से करते हैं तथा चाय और कॉफी का सेवन नहीं करते. नाश्ते में फल, दलिया, छाछ और ताजा जूस शामिल होता है. रात का भोजन भी बेहद साधारण होता है, जिसमें रोटी, दाल और सब्जी शामिल रहती है.

राजनीति के साथ आध्यात्मिक जीवनशैली भी रहती है चर्चा में

योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के पंचूर गांव में हुआ था. उनका मूल नाम अजय मोहन सिंह बिष्ट है. वर्ष 1998 में वह पहली बार गोरखपुर से सांसद चुने गए थे. इसके बाद उन्होंने लगातार पांच बार लोकसभा में इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया. भारतीय जनता पार्टी ने 19 मार्च 2017 को उन्हें उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया था. साल  2022 में उन्होंने दोबारा सत्ता में वापसी की और प्रदेश की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ को और मजबूत किया. अपने 54वें जन्मदिन पर वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत के साथ मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की.
 

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