यूपी के बाराबंकी में लोधेश्वर महादेव धाम कॉरिडोर निर्माण को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है. आज बुधवार को अधिग्रहित भवनों और निर्माणों को हटाने के लिए बुलडोजर अभियान चलाया गया. इस दौरान कई मकानों और निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया. हालांकि कार्रवाई के बीच कुछ प्रभावित परिवारों ने मुआवजा न मिलने का आरोप लगाते हुए विरोध भी जताया.
प्रशासन के अनुसार, लोधेश्वर महादेव धाम को धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कॉरिडोर प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है. इसी के तहत मंदिर परिसर के आसपास की जमीन का अधिग्रहण किया गया है. जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसील प्रशासन और पर्यटन विभाग की टीम ने महादेवा क्षेत्र में बुलडोजर एक्शन शुरू किया.

उपजिलाधिकारी आनंद कुमार तिवारी की मौजूदगी में अधिग्रहित भवनों को हटाया गया. प्रशासन का कहना है कि कॉरिडोर निर्माण के लिए जमीन खाली कराई जा रही है, ताकि प्रोजेक्ट तय समय पर पूरा हो सके. इस मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पुलिस बल भी तैनात रहा, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो.
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मंदिर से जुड़े पुजारियों ने कहा कि यह कार्रवाई महादेवा कॉरिडोर प्रोजेक्ट के तहत की जा रही है. प्रशासन का दावा है कि अधिकांश प्रभावित लोगों को मुआवजा दिया जा चुका है.जिन मामलों में विवाद है, वे कोर्ट में लंबित हैं.
वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि उनके मकान अधिग्रहण की जद में आने के बावजूद अब तक मुआवजे की राशि नहीं मिली है. प्रभावित परिवारों का कहना है कि बिना भुगतान के मकान हटाए जाने से उनके सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है. उन्होंने प्रशासन से जल्द मुआवजा दिलाने की मांग की है.
एसडीएम आनंद तिवारी ने कहा कि महादेवा कॉरिडोर का काम जारी है. अधिग्रहित मकानों को हटाने की प्रक्रिया भी चल रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों का मुआवजा विवादित नहीं है, उन्हें भुगतान किया जा चुका है. केवल कुछ मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं. फिलहाल प्रशासन कॉरिडोर निर्माण को लेकर तेजी से कार्रवाई कर रहा है, जबकि प्रभावित परिवार अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं.