Uttar Pradesh News: बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बारादरी थाने में हुई आत्मदाह की घटना और ड्यूटी में लापरवाही के चलते एक दारोगा और छह सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया है. पीड़ित अक्षय कुमार नामक डिलीवरी एग्जीक्यूटिव मंगलवार को तीन बार शिकायत लेकर थाने पहुंचा था, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई, जिससे परेशान होकर उसने थाने में ही पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली. एसपी सिटी मानुष पारीक की जांच में जनसुनवाई डेस्क पर तैनात दारोगा सुरेंद्र शर्मा दोषी पाए गए. इसके अलावा, लंबे समय से बिना बताए गायब रहने और शराब पीकर अभद्रता करने वाले अन्य सिपाहियों पर भी निलंबन की गाज गिरी है.
थाने में सुनवाई न होने पर आत्मदाह की कोशिश
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, बारादरी थाना क्षेत्र के कोतवाली के पीछे किराए पर रहने वाले 32 वर्षीय अक्षय कश्यप मंगलवार रात करीब 10:30 बजे थाने पहुंचे और खुद पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा ली. उन्हें तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. जांच में सामने आया कि अक्षय उस दिन तीन बार थाने आए थे, लेकिन जनसुनवाई डेस्क पर तैनात सब-इंस्पेक्टर सुरेंद्र शर्मा ने उनकी बात को अनसुनी कर दिया. एसएसपी ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. इस मामले में पुलिस ने दो एफआईआर भी दर्ज की हैं.
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए ड्यूटी से गायब
एसएसपी अनुराग आर्य की इस कार्रवाई की जद में केवल बारादरी थाने के ही नहीं, बल्कि अन्य थानों के सिपाही भी आए हैं. एक कांस्टेबल अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बहाने ड्यूटी से अनुपस्थित रहता था. एसएसपी ने बताया कि उस सिपाही का चयन रद्द कर दिया गया है और उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. पुलिस विभाग में अनुशासन बनाए रखने के लिए यह कड़ा कदम उठाया गया है ताकि भविष्य में कोई भी कर्मचारी अपनी ड्यूटी को हल्के में न ले.
शराब पीकर अभद्रता करने पर हेड कांस्टेबल सस्पेंड
फतेहगंज पूर्वी थाने में तैनात हेड कांस्टेबल रवींद्र सिंह पर शराब के नशे में धुत रहने और सहकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप हैं. हाल ही में उनकी ड्यूटी एक परीक्षा स्ट्रांग रूम में लगाई गई थी, जहां उन्होंने शराब पीकर वॉचमैन के साथ बदतमीजी की. शिकायत मिलने पर एसएसपी ने उन्हें निलंबित कर दिया. पुलिस बल के भीतर नशे और अनुशासनहीनता को बर्दाश्त न करने का संदेश देने के लिए प्रशासन ने यह सख्त रुख अपनाया है.
छुट्टी से नहीं लौटे और ड्यूटी से रहे नदारद
निलंबित होने वालों में कई ऐसे कांस्टेबल भी हैं जो छुट्टी लेकर गए लेकिन वापस नहीं लौटे. कोतवाली में तैनात कृष्ण गोपाल 9 दिसंबर 2025 से लापता हैं. वहीं एसएसपी कार्यालय के सिंगल विंडो डेस्क पर तैनात केशव कुमार और प्रशांत कुमार भी छुट्टी खत्म होने के बाद वापस नहीं आए. झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार के सुरक्षा बेड़े में तैनात हेड कांस्टेबल सुरजीत भी नवंबर 2025 से बिना सूचना गायब हैं. कोर्ट में कैदी पेशी की ड्यूटी में तैनात संजीव कुमार भी दिसंबर से नदारद रहने के कारण सस्पेंड किए गए हैं.