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'मैं भी दो दिन से अंधेरे में...', 2 दिनों से बिजली गुल पर बोले जिला अस्पताल के CMS

यूपी के बांदा जिला अस्पताल में पिछले दो दिनों से बिजली आपूर्ति ठप होने से स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं. अंधेरे में मरीजों का इलाज किया जा रहा है, जबकि CT Scan, Ultrasound और अन्य जरूरी जांचें रुक गई हैं. दूर-दराज से पहुंचे मरीज इलाज के इंतजार में भटक रहे हैं और अस्पताल प्रशासन बिजली विभाग की ओर इशारा कर रहा है.

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बिजली विभाग के अधिकारी नहीं उठा रहे फोन.(Photo: Siddhartha Gupta/ITG)
बिजली विभाग के अधिकारी नहीं उठा रहे फोन.(Photo: Siddhartha Gupta/ITG)

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली की तस्वीर सामने आई है. जिला अस्पताल मंडलीय चिकित्सा भवन में पिछले दो दिनों से बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अस्पताल के कई हिस्सों में अंधेरा पसरा हुआ है और मरीज इलाज व जांच के लिए घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं.

बिजली न होने का सबसे ज्यादा असर जांच सेवाओं पर पड़ा है. अस्पताल में CT Scan, Ultrasound जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं पूरी तरह बंद हैं. मरीजों का कहना है कि जांच नहीं होने के कारण डॉक्टर इलाज शुरू नहीं कर पा रहे हैं. दूर-दराज के गांवों और कस्बों से आए मरीज अस्पताल में भटक रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है.

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अस्पताल के डॉक्टरों के केबिन भी अंधेरे में डूबे हुए हैं. मरीजों का आरोप है कि बिजली संकट की वजह से इलाज की पूरी व्यवस्था चरमरा गई है. कई मरीज दो दिनों से अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल सकी है.

दो दिन से ठप हैं कई जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं

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अस्पताल में बिजली नहीं होने से CT Scan और Ultrasound जैसी भारी मशीनें पूरी तरह बंद पड़ी हैं. हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ब्लड टेस्ट किसी तरह कराए जा रहे हैं, लेकिन बाकी कई जांचें प्रभावित हैं. इससे मरीजों के इलाज में लगातार देरी हो रही है.

मरीजों का कहना है कि बिना जांच के डॉक्टर दवा शुरू नहीं कर रहे हैं. ऐसे में जिन मरीजों की हालत गंभीर है, उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है. अस्पताल में इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे लोगों को निराश होकर इंतजार करना पड़ रहा है.

बांदा

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार शहरों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे करती है, लेकिन जिला मुख्यालय पर स्थित सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की यह स्थिति बेहद चिंताजनक है. जिस शहर में जिले और मंडल के बड़े अधिकारी रहते हैं, वहीं अस्पताल लगातार बिजली संकट से जूझ रहा है.

बिजली विभाग पर उठे सवाल, अधिकारी नहीं उठा रहे फोन

अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन तक नहीं उठाया गया. इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.

परिजनों का कहना है कि अस्पताल में इलाज के बजाय मरीजों को सिर्फ इंतजार करना पड़ रहा है. जिन जांचों के आधार पर इलाज शुरू होना है, वे बिजली नहीं होने के कारण नहीं हो पा रही हैं. इससे मरीजों की परेशानी लगातार बढ़ रही है.

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बिजली आपूर्ति कब तक बहाल होगी, इसे लेकर भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है. ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है.

बांदा

CMS बोले- मैं खुद दो दिन से अंधेरे में मरीज देख रहा हूं

जिला अस्पताल के CMS डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि पिछले दो दिनों से अस्पताल में बिजली नहीं है और वह खुद भी अंधेरे में OPD में मरीज देख रहे हैं. उन्होंने कहा कि बिजली न होने से CT Scan और Ultrasound जैसी सेवाएं प्रभावित हैं, जबकि ब्लड टेस्ट किसी तरह कराए जा रहे हैं.

CMS के मुताबिक, बिजली विभाग से जानकारी लेने पर बताया गया कि केबल बदली जा रही है. अधिकारियों ने कुछ घंटों में बिजली आपूर्ति बहाल होने की बात कही थी, लेकिन अब तक सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है.

उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल में मौजूद जेनरेटर से भारी मशीनों को चलाना संभव नहीं है. बिजली आने के बाद ही CT Scan, Ultrasound और अन्य प्रभावित जांच सेवाएं पूरी तरह शुरू हो सकेंगी. फिलहाल मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है और अस्पताल प्रशासन भी बिजली बहाल होने का इंतजार कर रहा है.

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