शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के परम शिष्य और यौन शोषण मामले में अविमुक्तेश्वरानंद के अलावा आरोपी मुकुंदानंद ब्रह्मचारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि इतना हम जरूर कहना चाहेंगे कि उत्तर प्रदेश में जो कुछ योगी आदित्यनाथ कर रहे हैं. अच्छा नहीं कर रहे हैं. क्योंकि इतनी हिम्मत हमारे देश के प्रधानमंत्री भी नहीं कर सकते हैं. इतना घिनौना आरोप नहीं लगा सकते हैं. शंकराचार्य हमेशा से आलोचना करते आए हैं. लेकिन देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने भी इस तरह की कोई चीज नहीं सोची.
आरोप बहुत ही घिनौना
रामभद्राचार्य का चेला हिस्ट्रीशीटर है. जिसकी कांधला थाने में हिस्ट्री सीट संख्या 21 है. योगी आदित्यनाथ के शासन में जिस तरह का आरोप लगा है, वो बहुत ही घिनौना है. इस मामले की न्यायपालिका द्वारा जल्द से जल्द सुनवाई की जानी चाहिए. ताकी दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए. मुकुंदानंद ने बताया कि जिन बच्चों ने आरोप लगाया है ना तो उनको कभी हमने अपने विद्यालय में देखा है और ना ही वह हमारे यहां कभी पढ़ाई किए हैं.
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उन बच्चों के साथ शंकराचार्य का कुछ भी लेना देना नहीं है. यह सिर्फ मनगढ़ंत कोशिश उनकी छवि को समाप्त करने के लिए रामभद्राचार्य के शिष्य और हिस्ट्रीशीटर आशुतोष द्वारा की गई है. सबसे बड़ा सवाल उत्तर प्रदेश की सरकार से है कि जिसके ऊपर 28 मुकदमे हैं, उसको आपने अपराध करने के लिए बाहर कैसे छोड़ रखा है? शंकराचार्य के ऊपर गलत आरोप लगाने वाले व्यक्ति का पर्दा आज नहीं तो कल जरूर फाश होगा.
मामले की हो निष्पक्ष जांच: मुकुंदानंद
हम न्यायपालिका और देश के कर्ताधर्ता से इतना ही अनुरोध करना चाहते हैं कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से हो. साथ ही उस व्यक्ति को ऐसा कठोर दंड मिलना चाहिए कि नजीर बने. सुरक्षा के सवाल पर उन्होंने बताया कि हमको किस बात का डर रहेगा? हम अपनों के बीच में रहते हैं. भगवान हमारी सुरक्षा कर रहा है, लेकिन हमको उन बच्चों और उनके अभिभावक की सुरक्षा की चिंता है जो हिस्ट्रीशीटर 76A के पास हैं.
उन बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रदेश की पुलिस और गृहमंत्री को भी संज्ञान लेना चाहिए. बाल कल्याण समिति उन बच्चों का संरक्षण करें. ताकि उन बच्चों पर उस हिस्ट्रीशीटर द्वारा दूसरा कोई अन्याय न किया जा सके. उन्होंने आगे बताया कि अधिवक्ताओं की टीम के हेड परमेश्वर नाथ मिश्रा हाई कोर्ट गए थे. कल या परसों जब कभी समय आएगा तो कोर्ट में हमारे अधिवक्ता अपनी बात कहेंगे.