उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में 35 वर्षीय अर्जुन सिंह हत्याकांड का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. अर्जुन का शव 14 फरवरी को अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के आमवता गांव में गेहूं के खेत में पड़ा मिला था. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था. मृतक के भाई ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की तहरीर दी थी, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई.
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना पुलिस के साथ सर्विलांस और स्वाट टीमों को लगाया गया. 17 फरवरी को पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि अर्जुन की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके दोस्त और उसकी बहन से फोन पर बात करने वाले भानु उर्फ दुरुपद ने की है.
14 फरवरी को गेहूं के खेत में मिला था अर्जुन सिंह का शव
पुलिस के अनुसार भानु आर्मी में तैनात है और छुट्टी पर घर आया था. वह अर्जुन की बहन से फोन पर बातचीत करता था. एक दिन अर्जुन ने बहन से फोन छीन लिया और उसे डांट दिया. इसी बात से नाराज होकर भानु ने हत्या की योजना बना ली.
भानु जानता था कि अर्जुन अक्सर खेतों पर अकेला लेटता है. 13 और 14 फरवरी की रात वह खेत पहुंचा. आहट सुनकर अर्जुन जाग गया तो आरोपी ने उसकी आंखों में मिर्ची डाल दी और पास पड़ी ईंट से सिर पर कई वार किए. इसके बाद टॉर्च से भी हमला किया.
मिर्ची डालकर ईंट और टॉर्च से किया बेरहमी से हमला
हत्या के बाद आरोपी ने अर्जुन के फोन से उसके भाई को कॉल कर कहा कि जंगली जानवरों ने हमला किया है. फिर वह फरार हो गया. पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर इटावा रोड प्रतापपुर पुलिया से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. उसके पास से ईंट, टॉर्च और दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं. आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया.