ED की जांच के मुताबिक, अनुराग द्विवेदी पर ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स के जरिए करोड़ों रुपये के हवाला ट्रांजैक्शन और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है. जांच में सामने आया है कि अवैध तरीके से कमाए गए पैसों को हवाला के माध्यम से दुबई भेजा गया और वहां रियल एस्टेट में निवेश किया गया.
ED ने 31 दिसंबर और 1 जनवरी को दिल्ली, मुंबई, सूरत, लखनऊ और वाराणसी समेत कुल नौ ठिकानों पर छापेमारी की थी. इन छापों के दौरान एजेंसी को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कई अहम सबूत मिले. जांच में यह भी पता चला कि अनुराग द्विवेदी ने करीब 3 करोड़ रुपये की चल संपत्ति अर्जित की थी, जिसमें इंश्योरेंस पॉलिसी, फिक्स्ड डिपॉजिट और बैंक बैलेंस शामिल हैं. इन सभी संपत्तियों को PMLA की धारा 17(1A) के तहत फ्रीज कर दिया गया है.
लैंड रोवर डिफेंडर, लैंबोर्गिनी ऊरूस और महिंद्रा थार शामिल
ED ने यह जांच पश्चिम बंगाल पुलिस की FIR के आधार पर शुरू की थी. जांच में सामने आया कि सिलिगुड़ी से सोनू कुमार ठाकुर और विशाल भारद्वाज नाम के आरोपी ऑनलाइन सट्टेबाजी का पैनल चला रहे थे. इसके लिए फर्जी बैंक खातों, जिन्हें म्यूल अकाउंट कहा जाता है, और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल किया जा रहा था.
जांच एजेंसी का कहना है कि अनुराग द्विवेदी ने अवैध सट्टेबाजी ऐप्स का खुलेआम प्रचार किया और बदले में हवाला और म्यूल अकाउंट्स के जरिए अपराध की कमाई हासिल की. इसी पैसे से दुबई में प्रॉपर्टी खरीदी गई. ED के अनुसार, अनुराग द्विवेदी फिलहाल दुबई में रह रहा है और कई समन जारी होने के बावजूद एजेंसी के सामने पेश नहीं हुआ है.
हवाला के जरिए दुबई में रियल एस्टेट निवेश का आरोप
इस मामले में ED पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. 1 अगस्त 2025 को कोलकाता की विशेष PMLA अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है. अब तक इस केस में करीब 27 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की जा चुकी है.