उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में पुलिस की कथित दबंगई का मामला सामने आया है. यहां कोतवाली में तैनात एक दारोगा पर आरोप है कि उन्होंने एक रेहड़ी-पटरी वाले दुकानदार के साथ मारपीट की और पैसे मांगने पर उसके नारियल जबरन गाड़ी में भरकर ले गए. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और व्यापारी संगठनों में भी नाराजगी देखने को मिल रही है.
मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस अधीक्षक ने आरोपी दारोगा के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे लाइन हाजिर कर दिया है. घटना हसनपुर कोतवाली क्षेत्र की बताई जा रही है.
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दो नारियल पीने के बाद पैसे मांगने पर हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, बुधवार को मोहल्ला काला शहीद निवासी सागर अमरोहा बस अड्डे के पास नारियल पानी का ठेला लगाता है. आरोप है कि हसनपुर बस स्टैंड चौराहे पर तैनात ‘क्रिटिकल कॉरिडोर टीम’ के प्रभारी उप-निरीक्षक ईशम सिंह अपने एक साथी के साथ वहां पहुंचे और दो नारियल पानी पिया.
जब सागर ने दोनों नारियल के 140 रुपये मांगे तो दारोगा गुस्से में आ गए. आरोप है कि उन्होंने सरेआम युवक को थप्पड़ मार दिए और दुकान हटाने की धमकी दी. इसके बाद दारोगा ने ठेले पर रखे नारियल जबरन अपनी गाड़ी में भरवाए और कोतवाली ले गए.
वीडियो वायरल होने के बाद व्यापारी संगठनों में गुस्सा
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय व्यापारियों में आक्रोश फैल गया. व्यापारी सुरक्षा फोरम संस्थान के प्रदेश महासचिव मुकेश गुप्ता ने इसे पुलिस की लूट बताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी.
बढ़ते दबाव के बीच पुलिस ने युवक के नारियल वापस कर दिए. हालांकि, पीड़ित का आरोप है कि वापस मिले सामान में भी तीन नारियल कम थे.
देखें वीडियो...
पुलिस ने शुरू की जांच
दूसरी ओर आरोपी दारोगा का कहना है कि यह कार्रवाई अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान की गई थी. हालांकि वायरल वीडियो में नारियल पुलिस की गाड़ी में लादे जाते दिखने से उनका यह दावा सवालों के घेरे में आ गया है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद ने उप-निरीक्षक ईशम सिंह को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन भेज दिया है. साथ ही क्षेत्राधिकारी हसनपुर को पूरे मामले की विस्तृत जांच सौंप दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी.