scorecardresearch
 

कन्यादान के कुछ ही घंटों बाद थमी पिता की सांसें... जिस चौखट से डोली उठी, वहीं अर्थी को कंधा देने लौटीं बेटियां

अलीगढ़ के बेरमगंज गांव में शादी की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब दो बेटियों को विदा करने के कुछ ही घंटों बाद पिता का निधन हो गया.ससुराल पहुंचीं बेटियां पिया के घर की चौखट लांघने से पहले ही पिता के अंतिम संस्कार के लिए मायके लौट आईं.

Advertisement
X
अलीगढ़ में बेटियों के विदा होते ही पिता ने तोड़ा दम (Photo- Screengrab)
अलीगढ़ में बेटियों के विदा होते ही पिता ने तोड़ा दम (Photo- Screengrab)

Uttar Pradesh News: अलीगढ़ के टप्पल क्षेत्र स्थित गांव बेरमगंज में रविवार रात दो बेटियों की शादी संपन्न कराने के बाद एक पिता की अचानक मौत हो गई. पिता ने नम आंखों से अपनी दोनों बेटियों का कन्यादान कर उन्हें ससुराल के लिए विदा किया था. विदाई के कुछ ही घंटों बाद पिता की तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया. 

यह दुखद घटना तब हुई जब बेटियां अपनी ससुराल पहुंची ही थीं. मौत की सूचना मिलते ही दोनों नवविवाहिता बेटियां अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए वापस गांव लौटीं.

खुशियों वाले घर में पसरा सन्नाटा

रविवार की शाम बेरमगंज गांव खुशियों से सराबोर था. घर में दो बेटियों की बारात आई थी और पिता ने पूरे रीति-रिवाज के साथ अपनी बेटियों का फर्ज निभाया. किसी को अंदेशा नहीं था कि जिस पिता ने अभी-अभी आशीर्वाद देकर बेटियों को विदा किया है, उनसे यह आखिरी मुलाकात होगी. शादी की रस्में खत्म होते ही घर का माहौल पूरी तरह बदल गया और देखते ही देखते शहनाइयों की गूंज सिसकियों में तब्दील हो गई.

ससुराल से अंतिम विदाई देने लौटीं बेटियां

सबसे हृदय विदारक दृश्य तब दिखा जब लाल जोड़े में सजी दोनों बेटियां अपने पिता के शव के पास पहुंचीं. जिन हाथों से पिता ने उन्हें विदा किया था, उन्हीं को अंतिम विदाई देने के लिए बेटियों को वापस आना पड़ा. गांव के हर शख्स की आंखें यह मंजर देखकर नम हो गईं. बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल था और पूरे क्षेत्र में इस गमगीन माहौल की चर्चा है. पिता ने अपना फर्ज तो पूरा किया, लेकिन बेटियों का घर बसते देखने से पहले ही दुनिया छोड़ दी.

Advertisement

अस्पताल पहुंचने से पहले ही टूट गई सांसें

परिजनों के मुताबिक, बेटियों की विदाई के बाद अचानक पिता की हालत खराब होने लगी थी. आनन-फानन में परिवार उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगा, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. रास्ते में ही उन्होंने अंतिम सांस ली. गांव के बुजुर्गों का कहना है कि पिता ने अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाने के बाद ही प्राण त्यागे. फिलहाल पूरे गांव में शोक की लहर है और हर कोई पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहा है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement