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विधायक सांगा ने अपनी हिस्सेदारी के लिए किया होगा फूड इंस्पेक्टर को फोन, Video पर अखिलेश का तंज  

कानपुर में व्यापारियों की  शिकायत पर बिठूर विधायक अभिजीत सिंह सांगा द्वारा फूड इंस्पेक्टर को फोन पर फटकार लगाने का वीडियो वायरल हो गया. वीडियो सामने आने के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला और पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक दिखावा बताया. विधायक इसे जनता की शिकायतों पर की गई कार्रवाई बता रहे हैं. 

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भाजपा विधायक सांगा के वीडियो पर अखिलेश यादव ने तंज कसा है (Photo: ITG)
भाजपा विधायक सांगा के वीडियो पर अखिलेश यादव ने तंज कसा है (Photo: ITG)

कानपुर में एक वायरल वीडियो ने प्रशासनिक कार्रवाई से ज्यादा राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है. बिठूर विधायक अभिजीत सिंह सांगा द्वारा कथित अवैध वसूली की शिकायत पर एक फूड इंस्पेक्टर को फोन पर फटकार लगाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैला. वीडियो में विधायक का सख्त अंदाज दिखाई देता है, लेकिन इसके बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस वीडियो को आधार बनाकर भाजपा सरकार और उसके कामकाज पर तीखा हमला बोल दिया.

मामले की शुरुआत कानपुर के भीतरगांव क्षेत्र से हुई. विधायक अभिजीत सिंह सांगा क्षेत्रीय दौरे पर थे और स्थानीय लोगों की समस्याएं सुन रहे थे. इसी दौरान कुछ व्यापारियों ने शिकायत की कि फूड विभाग का एक अधिकारी जांच और कार्रवाई का डर दिखाकर उनसे कथित रूप से धन की मांग करता है. व्यापारियों ने दावा किया कि छोटे दुकानदार और कारोबारी इस तरह के व्यवहार से परेशान हैं. शिकायतों के बीच विधायक ने मौके पर ही संबंधित अधिकारी को फोन मिलाया. फोन पर हुई बातचीत का वीडियो वहां मौजूद लोगों ने रिकॉर्ड कर लिया. वीडियो में विधायक अधिकारी को चेतावनी देते हुए दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि जनता और व्यापारियों को परेशान करने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं और यदि ऐसा जारी रहा तो मामला उच्च स्तर तक ले जाया जाएगा.

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अखिलेश ने कसा तंज 

विधायक की यह बातचीत सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगीं. कुछ लोगों ने इसे जनप्रतिनिधि की सक्रियता बताया तो कुछ ने इसे सार्वजनिक प्रदर्शन करार दिया. लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा तब शुरू हुई जब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस वीडियो को लेकर भाजपा पर तीखा तंज कस दिया. अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि भाजपा विधायक ने जनता के सामने एक भ्रष्ट अधिकारी को फोन कर नाटकीय चेतावनी दी होगी, लेकिन बाद में उसी अधिकारी से अलग बातचीत भी की होगी.  

सपा प्रमुख यहीं नहीं रुके. उन्होंने अपने पुराने आरोपों को भी दोहराया और कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में विभागों का दुरुपयोग हुआ है. अखिलेश ने उस चर्चित प्रकरण का भी उल्लेख किया जिसमें उनके एक चाय की दुकान पर जाने के बाद फूड विभाग की कार्रवाई चर्चा में आई थी. उन्होंने दावा किया कि उस समय एक छोटे दुकानदार को निशाना बनाया गया था और उसका दोष सिर्फ इतना था कि विपक्ष के नेता उसकी दुकान पर पहुंचे थे.

सरकार पर लगाए कई आरोप 

अखिलेश यादव ने अपने बयान में यह भी कहा कि भाजपा सरकार को अपने शासन के अंतिम चरण में ईमानदारी की याद आ रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक सत्ता का लाभ उठाने के बाद अब चुनाव नजदीक आते ही जनता और व्यापारियों की चिंता दिखाई जा रही है. उनके बयान का अंतिम हिस्सा राजनीतिक नारेबाजी से भरा रहा, जिसमें उन्होंने व्यापारियों के असंतोष का हवाला देते हुए भाजपा पर हमला बोला.

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सांगा ने बताया क्यों किया फोन 

दूसरी तरफ विधायक अभिजीत सिंह सांगा का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल व्यापारियों की शिकायतों को सुनना और उनका समाधान कराना था. उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही हैं तो जनप्रतिनिधि होने के नाते हस्तक्षेप करना उनकी जिम्मेदारी है. सांगा का कहना है कि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता होनी चाहिए और किसी भी व्यापारी या आम नागरिक को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए. वायरल वीडियो के बाद स्थानीय स्तर पर भी बहस छिड़ गई है. व्यापारियों का एक वर्ग विधायक की कार्रवाई का समर्थन कर रहा है. उनका कहना है कि यदि शिकायतें सही हैं तो जनप्रतिनिधि द्वारा तत्काल हस्तक्षेप किया जाना चाहिए. वहीं कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि शिकायतें गंभीर थीं तो उनके समाधान के लिए औपचारिक जांच और लिखित कार्रवाई का रास्ता अपनाया जाना चाहिए था.

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