उत्तर प्रदेश के आगरा में एक फैक्ट्री से 7.5 करोड़ रुपये की चोरी का मामला सामने आया था. चोरों ने रुपयों के अलावा आभूषण की भी चोरी की थी. जिसके बाद फैक्ट्री मालिक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. वहीं अब पुलिस ने महज तीन दिन के भीतर करोड़ों की चोरी की सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है.
19 जनवरी को हुई थी चोरी
पुलिस ने रोजर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड में 19 जनवरी को हुई चोरी के मामले में 7.5 करोड़ रुपये के आभूषण और नकदी बरामद की है. इस मामले में पुलिस ने अनुपम शर्मा, उसके भाई और दोस्त अनुराग व संजय को गिरफ्तार किया है. आगरा पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने पूरे मामले को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की. उन्होंने कहा कि अनुपम शर्मा पिछले चार वर्षों से रोजर फैक्ट्री में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था.
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उसे फैक्ट्री की आंतरिक व्यवस्था और यहां तक कि यह भी जानकारी थी कि कहां-कहां नकदी और कीमती आभूषण रखे जाते हैं. इसी जानकारी का फायदा उठाकर उसने अपने भाई और दोस्त के साथ मिलकर चोरी की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया.
चोरी के बाद गांव में गड्ढा खोदकर दब दिया था आभूषण और रुपये
चोरी के बाद आरोपियों ने पूरी रकम को बाह के पास एक गांव में गड्ढा खोदकर दबा दिया था. जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया. जांच में यह भी सामने आया कि अनुपम की एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर गर्लफ्रेंड थी, जिसके महंगे शौक पूरे करने के लिए वह बेंगलुरु शिफ्ट होना चाहता था और वहां घर खरीदना चाहता था. इसी उद्देश्य से उसने बड़ी रकम जुटाने की योजना बनाई थी.
इस मामले में फैक्ट्री के मालिक दीपक बुद्धिराजा ने आगरा पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए 100 प्रतिशत रिकवरी पर पुलिस टीम को बधाई दी है. वहीं कमिश्नर दीपक बुद्धिराजा को भरोसा नहीं था कि उनका ही कर्मचारी इस पूरी घटना को अंजाम देगा. उसे पहले से ही पता था की फैक्ट्री में कहां पर कमरे हैं और कहां पर कैश रखा रहता है. फिलहाल कमिश्नर ने पूरे मामले का खुलासे करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार इनाम भी दिया है.
(इनपुट- नितिन उपाध्याय)