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जेवर एयरपोर्ट पर 'क्रेडिट' की जंग! अखिलेश के बाद मायावती की एंट्री, पूछा- किसका सपना, किसने किया अपना?

Mayawati on Noida International Airport: जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही उत्तर प्रदेश की सियासत में 'श्रेय' लेने की होड़ मच गई है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के दावों के बाद अब बसपा (BSP) सुप्रीमो मायावती ने मोर्चा संभालते हुए इस प्रोजेक्ट को अपनी सरकार की देन बताया है.

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जेवर एयरपोर्ट पर अखिलेश के बाद मायावती ने ठोका दावा.(Photo:ITG)
जेवर एयरपोर्ट पर अखिलेश के बाद मायावती ने ठोका दावा.(Photo:ITG)

जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण के उद्घाटन के बाद उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने इस प्रोजेक्ट का असली श्रेय अपनी सरकार को दिया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर सिलसिलेवार पोस्ट में मायावती ने कहा कि इस हवाई अड्डे का ब्लूप्रिंट और बुनियादी काम उनकी सरकार के दौरान ही शुरू कर दिया गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इस एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था.

X पर एक पोस्ट में मायावती ने कहा कि एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन लंबे इंतज़ार के बाद हुआ, लेकिन इसका ब्लूप्रिंट और जरूरी बुनियादी काम उनकी सरकार के दौरान ही शुरू कर दिया गया था.

उन्होंने कहा, "लंबे इंतजार के बाद कल जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन हुआ, जबकि न सिर्फ इसका ब्लूप्रिंट, बल्कि सभी जरूरी बुनियादी काम मेरी BSP सरकार के दौरान ही शुरू हो चुके थे."

कांग्रेस और सपा पर तीखा प्रहार

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि अगर उस समय की केंद्र सरकार ने रुकावटें न डाली होतीं, तो यह प्रोजेक्ट बहुत पहले ही पूरा हो गया होता. उन्होंने कहा, "अगर उस समय केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने रुकावट न डाली होती, तो यमुना एक्सप्रेस-वे की तरह यह विकास कार्य भी मेरे कार्यकाल के दौरान ही बहुत पहले पूरा हो गया होता."

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बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो ने समाजवादी पार्टी की भी आलोचना की, और उस पर विकास पर ध्यान देने के बजाय उनकी सरकार की पहलों को रद्द करने का आरोप लगाया.

मायावती ने कहा, "जहां तक सपा सरकार की बात है, उनका समय विकास में नहीं बल्कि बसपा सरकार के दलितों और पिछड़ों के कल्याण वाले फैसलों को रद्द करने और जातिवादी राजनीति में बीता."

बसपा सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि SP सरकार नकारात्मक, जातिवादी और राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्यों में लगी हुई थी, जिसमें संस्थानों का नाम बदलना और बहुजन समुदाय के प्रमुख संतों, गुरुओं और नेताओं के सम्मान में बनाए गए स्मारकों, पार्कों और प्रतिष्ठानों की उपेक्षा करना शामिल था।

'धोखेबाज राजनीति से गुमराह न हों'

मायावती ने कहा, "इन सब बातों को देखते हुए उत्तर प्रदेश की जनता से अपील है कि वे विरोधी पार्टियों की धोखेबाज राजनीति से गुमराह न हों, बल्कि BSP की 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' की नीति और सिद्धांत पर भरोसा करें और अपने  और राज्य के विकास के लिए इसके मजबूत नेतृत्व में विश्वास रखें."

बता दें कि मायावती चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं. पहली बार जून 1995 से अक्टूबर 1995 तक, फिर मार्च 1997 से सितंबर 1997 तक, इसके बाद मई 2002 से अगस्त 2003 तक और मई 2007 से मार्च 2012 तक.

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पश्चिमी यूपी की पुरानी मांगें फिर गरमाईं

बसपा प्रमुख ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट की एक अलग बेंच और एक अलग राज्य की लंबे समय से चली आ रही मांग को भी उठाया. उन्होंने आगे कहा, "इसके साथ ही, यह देखना बाकी है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट की एक अलग बेंच की मांग और इस क्षेत्र के लिए एक अलग राज्य का सपना कब पूरा होगा."

यह भी पढ़ें: '7 में से 6 नये एयरपोर्ट तो बंद...', अखिलेश यादव ने यूपी के हवाई अड्डों पर उठाए सवाल 

उधर, रविवार को दादरी में एक रैली को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया कि SP ने जेवर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए मंजूरी दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने कहा, "अगर किसी ने एयरपोर्ट के लिए जरूरी मंजूरियां हासिल करने का काम किया, तो वह समाजवादी पार्टी थी. इसीलिए आज यह प्रोजेक्ट साकार हो पाया है."

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