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'आंखें मिलाना नहीं, यहां-वहां नजर आना नहीं...' कॉलेज में सीनियर्स का नए छात्रों को फरमान

हाल में एक एक्स यूजर ने एक कॉलेज से जुड़ा पोस्ट शेयर कर लोगों को हैरान कर दिया है.इसमें एक कागज पर नए छात्रों के लिए रूल्स की लिस्ट है जो कथित तौर पर एक कॉलेज के सीनियर स्टूडेंट्स ने जारी की है. ये किसी फरमान की तरह लगता है.

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फोटो-ं x/AI Image
फोटो-ं x/AI Image

यूनिवर्सिटीज में सीनियर्स की ओर से खतरनाक रैगिंग के कई मामले सामने आते हैं. हालांकि अब इस सब में थोड़ी कमी आई है लेकिन फिर भी डिसिप्लिन सिखाने के नाम पर कॉलेज और हॉस्टस्ट में नए छात्रों को परेशानियों का सामना करना ही पड़ता है. हाल में एक एक्स यूजर ने एक कॉलेज से जुड़ा पोस्ट शेयर कर लोगों को हैरान कर दिया है.

इसमें एक कागज पर नए छात्रों के लिए रूल्स की लिस्ट है जो कथित तौर पर एक कॉलेज के सीनियर स्टूडेंट्स ने जारी की है. रूल्स पढ़ने पर ये नियम की जगह फरमानों की लिस्ट लग रही है. 

इसमें सबसे पहले इस बात का इंस्ट्रक्शन है कि  नए छात्रों को कैसे कपड़े और जूते पहनकर कॉलेज आना है. क्लीन शेव और  काफी छोटा हेयरकट रखना है.किसी बुलु, कालिया, झुमरी टाइप के ढाबों पर नहीं जाना है, पकड़े गए तो मुश्किल होगी. 

इसके अलावा लिखा है कि - शाम 6.30 के बाद होस्टल से नहीं निकलना है. कॉलेज के आसपास किसी प्रकार का धुम्रपान नहीं करना है, पकड़े जाने पर बुरा अंजाम होगा.सीनियर्स से खुद आकर बात नहीं करनी है.हमारे सामने खड़े हों तो नजरें इतनी झुकी हों कि आपकी शर्ट के तीसरे बटन को देखती हों. किसी सीनियर का नाम लेने से पहले सम्मान में 20 शब्द बोलकर संबोधित करें. कॉलेज घुसते और निकलते समय लाइन में रहें.कॉलेज कैंटीन में जाना नहीं.

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@cneuralnetwork द्वारा शेयर किए गए पोस्ट के कैप्शन में लिखा है - एक भारतीय कॉलेज में सीनियर छात्रों की ओर से जूनियर्स को ये कोड ऑफ कंडक्ट दिया गया है. बताइये ऐसे वातावरण में बच्चे क्या ही सीखेंगे.
 
इस पोस्ट को 9 सितंबर को शेयर किया गया था. शेयर किए जाने के बाद से इस पोस्ट को करीब दो लाख व्यूज मिल चुके हैं और 2,000 से ज्यादा लाइक्स भी हैं. लोगों ने ढेरों कमेंट भी किए. एक यूजर ने लिखा- 'भाई ये कैसा कॉलेज है? और क्या सचमुच जूनियर्स ये सब मानेंगे?' एक ने लिखा- 'कितने फनी नियम हैं'. एक अन्य ने लिखा- 'ये डिसिप्लिन सिखाने का सही तरीका है.'एक यूजर ने लिखा- 'वो तो शुक्र है कि आज पहले जैसे कॉलेज में रैगिंग नहीं होती है.'

नोट: ये खबर सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर बनाई गई है. aajtak.in इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है.

 

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