
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 4 फरवरी 2026 को CSE और IFS परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन जारी किया था. लेकिन यह दस्तावेज सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है, क्योंकि इसमें जगह-जगह भारी स्पेलिंग मिस्टेक्स और टाइपो एरर्स मिल रही हैं.एक ऐसे संवैधानिक संस्थान से, जो उम्मीदवारों से पूर्ण सटीकता की उम्मीद करता है, इस तरह की लापरवाही देखकर तैयारी कर रहे छात्रों में हैरानी और गुस्सा दोनों है.अब ये सोशल मीडिया पर चर्चा में है.
पहले ही दिन वायरल हुए नोटिफिकेशन के स्क्रीनशॉट
933 सिविल सेवा पदों के लिए जारी इस नोटिफिकेशन में परीक्षा कैलेंडर, आवेदन की अंतिम तिथि (24 फरवरी), प्रीलिम्स की तारीख (24 मई), और मेंस परीक्षा (21 अगस्त) जैसी अहम जानकारी शामिल थी.लेकिन नोटिफिकेशन जारी होते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इसके स्क्रीनशॉट तेजी से फैलने लगे, जिनमें बार-बार दिखाई दे रहीं गलतियां देखकर उम्मीदवारों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए कि आखिर इतना महत्वपूर्ण दस्तावेज बिना प्रूफरीडिंग के कैसे जारी हो गया?
एक–दो नहीं, गलतियों की लंबी सूची
नोटिफिकेशन में इतनी गलतियां थीं कि कोई भी उन्हें नज़रअंदाज नहीं कर सकता था. कई शब्द बार-बार गलत लिखे गए थे. उदाहरण के तौर पर 'Examinaiton' की जगह सही शब्द 'Examination' होना चाहिए था और यह गलती पेज 2, 17 और 156 पर दोहराई गई थी.
इसी तरह 'Cadidate' शब्द कई पेजों पर 'Candidate' की जगह छपा मिला (पेज 1, 18, 24 और 156). पेज 6 पर 'Statuary' लिखा गया था, जबकि सही शब्द 'Statutory' है. चौंकाने वाली बात यह रही कि सरकारी प्लेटफॉर्म PRATIBHA Setu Portal तक का नाम गलत छापा गया और उसे 'PRABITHA Setu portal' लिख दिया गया.
गलतियों की लिस्ट यहीं खत्म नहीं होती
पेज 7 पर 'Functinal' की जगह 'Functional', और 'Bechmark' की जगह 'Benchmark' होना चाहिए था. पेज 8 पर 'Abbriviations' लिखा गया, जबकि सही शब्द 'Abbreviations' है. पेज 9 पर शहर का नाम 'Kolkatta' लिखा मिला, जबकि सही वर्तनी 'Kolkata' है. इसके अलावा नोटिफिकेशन में 'Undersighned' की जगह 'Undersigned', 'Beynd' की जगह 'Beyond' और 'Forefeit' की जगह 'Forfeit' लिखा जाना चाहिए था.
सालों तक एसे और एथिक्स पेपर के लिए भाषा और व्याकरण सुधारने वाले अभ्यर्थियों के लिए UPSC के आधिकारिक दस्तावेज में इतनी बेसिक स्पेलिंग गलतियां मिलना बेहद अजीब लगा.UPSC की प्रतिष्ठा को देखते हुए अभ्यर्थियों का कहना है कि यह केवल टाइपो नहीं, बल्कि संस्थागत अनुशासन की कमी दर्शाता है.
जब उम्मीदवारों से इतनी सख्ती, तो UPSC से क्यों नहीं?
सोशल मीडिया पर लोग UPSC की इस गलती पर खुलकर अपनी नाराज़गी जता रहे हैं. कई यूजर्स ने लिखा कि UPSC की परीक्षाएं इतनी सख्त होती हैं कि एक छोटी सी गलती जैसे OMR शीट में गलत बबल भर देना सीधा पूरे प्रयास को अमान्य कर देती है. आवेदन पत्र में किसी भी गलत डिटेल पर फॉर्म रिजेक्ट हो जाता है और एसे पेपर में स्पेलिंग व व्याकरण की गलतियां तुरंत नंबर कटवा देती हैं.
वहीं कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि जो संस्था उम्मीदवारों से इतनी कठोर सटीकता की उम्मीद करती है, वह खुद इतनी बुनियादी स्पेलिंग गलतियां कैसे कर सकती है? यूजर्स का कहना है कि क्या नोटिफिकेशन जारी करने से पहले कोई संपादकीय जांच नहीं हुई? क्या कानूनी या क्वालिटी रिव्यू भी नहीं हुआ? आईए देखते हैं कुछ ऐसे ही वायरल पोस्ट, जिनमें लोग अपनी नाराज़गी और तंज दोनों जाहिर कर रहे हैं.
यह केवल टाइपो नहीं, एक बड़े सिस्टम की चिंता
UPSC नोटिफिकेशन सिर्फ एक सूचना-पत्र नहीं होता.यह कानूनी रूप से महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जो लाखों अभ्यर्थियों के लिए पात्रता, फीस, तारीखों और परीक्षा नियमों को निर्धारित करता है.

लेकिन इस बार जो दस्तावेज जारी हुआ, वह कई पेजों में बिखरी गलतियों, गलत नामों और असंगत प्रस्तुति से भरा नजर आया. इससे उस संस्था पर सवाल उठ रहे हैं, जिसे प्रशासनिक उत्कृष्टता का प्रतीक माना जाता है.