अक्सर ये शिकायत सुनी जाती है कि टैक्सी से यात्रा करने पर अधिक किराया वसूला जाता है. टैक्सी का मीटर या तो चलता नहीं है, अगर चलता भी है तो उससे छेड़छाड़ का अंदेशा रहता है. ऐसी हेराफेरी करने वाले टैक्सी ड्राइवर्स से कैसे निपटा जाता है, दुबई की प्रशासन व्यवस्था से सीख ली जानी चाहिए.
दुबई म्युनिसिपेलिटी ने वहां चेकिंग सिस्टम कैसे काम करता है, इस पर एक वीडियो जारी किया है. ये वैरीफिकेशन दो स्टेप्स में किया जाता है. एक स्टेप में 'म्युनिसिपेलिटी टैक्सीमीटर लीगल वैरीफिकेशन यूनिट' की ओर से देखा जाता है कि टैक्सी का किराया मापने वाला मीटर निर्धारित दरों वाला सही किराया दिखा रहा है या नहीं.
दूसरे स्टेप में गैसोलीन (पेट्रोल) स्टेशन पर फ्यूल मीटर्स की शुद्धता और कार्यक्षमता को परखा जाता है. दोनों स्टेप्स में सब कुछ सही पाए जाने पर वैरीफिकेशन की स्टैम्प लगाई जाती है. आप इस वीडियो को यहां भी देख सकते हैं:
#DubaiMunicipality checks Dubai's taxi metres to ensure their accuracy in measuring the period of the trip and fuel metres at gas stations across Dubai with experts and specialised technical staff and using the latest smart devices to ensure everyone's rights. pic.twitter.com/dbswPH4vii
— بلدية دبي | Dubai Municipality (@DMunicipality) July 10, 2021
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इस वीडियो में समझाया गया है कि किस तरह दुबई में टैक्सी मीटर्स को चेक किया जाता है कि वो सही हैं या नहीं. म्युनिसिपेलिटी टैक्सीमीटर लीगल वैरीफिकेशन यूनिट दुबई में सभी टैक्सियों का निरीक्षण करती है. ऐसा ग्राहक के इस अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि खर्च किए पैसे की पूरी कीमत मिले और वो बेइमानी का शिकार न हो.
म्युनिसिपेलिटी टैक्सीमीटर लीगल वैरीफिकेशन के विशेषज्ञ और खास तौर पर ट्रेंड स्टाफ, हर टैक्सी की ट्रिप विशेष में चली हुई दूरी और वेटिंग टाइम को मापते हैं. इससे टैक्सीमीटर की एक्युरेसी निकाली जाती है.
इसके अलावा पूरे अमीरात के सभी गैसोलीन स्टेशनों पर फ्यूल (ईंधन) मीटर्स को भी उनकी विशुद्धता और कार्यक्षमता के लिए जांचा जाता है. हर जगह चेकिंग प्रोसेस में आधुनिक स्मार्ट डिवाइसेस की मदद ली जाती है जिससे कि शुद्धता से कहीं किसी खिलवाड़ की संभावना न रहे.