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रात में ढूंढकर लौटाया पासपोर्ट-PR कार्ड, बेंगलुरु के टैक्सी ड्राइवर की ईमानदारी वायरल

सोशल मीडिया पर इस वक्त एक कैब ड्राइवर चर्चा में है. वजह है उसकी ईमानदारी. आइए जानते हैं क्या है उसकी कहानी.

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इंटरनेट इन दिनों बैंगलुरु के एक ईमानदार कैब ड्राइवर उत्तम की जमकर तारीफ कर रहा है (Photo:Pexel)
इंटरनेट इन दिनों बैंगलुरु के एक ईमानदार कैब ड्राइवर उत्तम की जमकर तारीफ कर रहा है (Photo:Pexel)

इंटरनेट इन दिनों बैंगलुरु के एक ईमानदार कैब ड्राइवर उत्तम की जमकर तारीफ कर रहा है. कनाडा में रहने वाले फाउंडर ग्लेन इवान ने सोशल मीडिया पर बताया कि कैसे उन्होंने गलती से अपना पासपोर्ट, PR कार्ड और वॉलेट वाला बैग कैब में छोड़ दिया, लेकिन उत्तम ने रातभर की मेहनत के बाद वह बैग ढूंढकर उनके परिवार को लौटा दिया.

ग्लेन ने लिखा कि रात करीब 2:30 बजे केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लौटने के बाद वह सीधे घर पहुंचे और थकान के कारण सो गए. नींद में ही उन्होंने अपनी स्लींग बैग कार में भूल दी. सुबह 10:30 बजे उनके पिता ने पूछा कि क्या उनके दस्तावेज कहीं खो गए हैं, तब उन्हें पता चला कि बैग गायब है.

उन्होंने बताया कि पासपोर्ट पर दर्ज पता और Uber पर दिए गए 'काफी अस्पष्ट' ड्रॉप-ऑफ लोकेशन में फर्क था. ऐसे में उत्तम सीधे उनके मोहल्ले पहुंचे और एक घंटे तक अलग-अलग घरों के दरवाजे खटखटाते रहे, लोगों से पूछते रहे कि क्या कोई यात्री बैग ढूंढ रहा है.

इसी दौरान किस्मत ने ऐसा साथ दिया कि सड़क पर उनकी मुलाकात ग्लेन के पिता से हो गई और उन्होंने बैग उसी समय उन्हें सौंप दिया.

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ग्लेन ने लिखा कि उत्तम ने मुझे एक बड़े प्रशासनिक झंझट और महीनों के तनाव से बचा लिया. उनकी ईमानदारी और अतिरिक्त मेहनत ने मुझे विनम्र कर दिया. वह सच में इंटीग्रिटी वाले इंसान हैं.

सोशल मीडिया ने क्या कहा?

इस कहानी ने इंटरनेट पर लोगों का दिल जीत लिया. एक यूज़र ने लिखा कि दुनिया को और ज्यादा उत्तम जैसे लोगों की जरूरत है.दूसरे ने कमेंट किया कि उत्तम ईमानदार और विनम्र. भगवान आपको ढेर सारी खुशियां दे.एक अन्य ने लिखा कि क्या शानदार इंसान है! पासपोर्ट और PR कार्ड खोना बहुत बड़ा नुकसान होता.

गुरुग्राम की याद दिला गई कहानी

ऐसी ही एक घटना पिछले साल गुरुग्राम में हुई थी, जब एक ड्राइवर ने गलती से छूट गया 2 लाख का मैकबुक उसके मालिक को लौटा दिया था. छात्र ने लिखा कि जब वह घबराकर गेट तक दौड़ता आया, ड्राइवर वहीं खड़ा मिला लैपटॉप हाथ में लिए हुए. पैसे देने की कोशिश करने पर उसने कहा कि बेटा, तुम बच्चे जैसे हो. पैसे क्यों लूं.

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