अमेरिका के एक चोर की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है. यह शख्स किताबें चुराता था और इसी वजह से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने इसे “सबसे ज्यादा किताबें चोरी करने वाला” का दर्जा दिया. इसका नाम है स्टीफन कैरी ब्लमबर्ग
1970 के दशक से 1990 तक ब्लमबर्ग ने कम से कम 23,600 दुर्लभ और कीमती किताबें चुराईं. इनका कुल वजन करीब 19 टन था. उसने 268 लाइब्रेरी को निशाना बनाया, जो नॉर्थ अमेरिका के 45 राज्यों, कनाडा और वॉशिंगटन डी.सी. में फैली थीं. किताबों की कीमत शुरू में 20 मिलियन डॉलर आंकी गई, जिसे बाद में करीब 5.3 मिलियन डॉलर माना गया.
क्यों करता था चोरी
15 साल की उम्र में ब्लमबर्ग को स्किजॉइड पर्सनैलिटी डिसऑर्डर का पता चला. यह एक मानसिक स्थिति है, जिसमें व्यक्ति आमतौर पर अकेले रहना पसंद करता है और सामाजिक रिश्तों में कम रुचि दिखाता है. ब्लमबर्ग मानता था कि लाइब्रेरी और संस्थाएं दुर्लभ किताबों की सही देखभाल नहीं करतीं, इसलिए वह खुद को उनका 'रक्षक' समझता था. वह किताबें बेचता नहीं था, बल्कि अपने पास जमा करता था. उसके घर में दीवारों से लेकर बाथरूम तक किताबें भरी रहती थीं.
चोरी का तरीका
ब्लमबर्ग दिन में लाइब्रेरी जाकर उनका लेआउट समझता था. वह नकली या चोरी किए गए पहचान पत्र का इस्तेमाल करता और रात में वापस आकर चोरी करता. कई बार वह स्टाफ की चाबियां भी हासिल कर लेता था. अतिरिक्त कमाई के लिए वह पुरानी इमारतों से निकाले गए दरवाजे, खिड़कियां और शीशे जैसे सामान बेचता था.
ऐसे हुआ खुलासा
20 मार्च 1990 को उसे गिरफ्तार किया गया. उसके पूर्व साथी केनेथ रोड्स (Kenneth Rhodes) ने एफबीआई को जानकारी दी. बदले में उसे 56 हजार डॉलर और गवाही की शर्त मिली. इसी खुलासे से पूरा मामला सामने आया.
सजा और रिकॉर्ड
1991 में ब्लमबर्ग को चोरी की संपत्ति रखने और ले जाने के चार मामलों में दोषी ठहराया गया. उसे 71 महीने की जेल और 2 लाख डॉलर का जुर्माना हुआ. 1995 में वह रिहा हुआ.स्टीफन कैरी ब्लमबर्ग का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में इसलिए दर्ज हुआ क्योंकि उसने इतिहास में सबसे ज्यादा किताबें चोरी कीं. यह रिकॉर्ड किताबों की कीमत नहीं, बल्कि उनकी संख्या के आधार पर दिया गया, और इसी वजह से उसे 'Most Prolific Book Thief' माना गया.