आजकल बहुत से लोग कॉर्पोरेट नौकरी से थक चुके हैं और बेहतर लाइफ की तलाश में हैं. अच्छी सैलरी होने के बावजूद तनाव, लंबा काम और कम निजी समय लोगों को परेशान करता है. इसी बीच एक स्पेनिश महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने बताया कि वह कभी भी अपनी कॉर्पोरेट नौकरी में वापस क्यों नहीं जाना चाहतीं, चाहे उन्हें दोगुनी सैलरी ही क्यों न मिल जाए. वायरल हो रही महिला का नाम रोची है, जो पहले कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करती थीं, लेकिन अब वह सोशल मीडिया पर वर्क-लाइफ बैलेंस से जुड़ा कंटेंट बनाती हैं. उनके वीडियो ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर असली खुशी क्या है – ज्यादा पैसा या सुकून भरी जिंदगी.
पहले डर और तनाव के साथ होती थी सुबह
रोची ने अपने पोस्ट में बताया कि उन्होंने कॉर्पोरेट नौकरी सिर्फ पैसे की वजह से नहीं छोड़ी थी. उनका कहना है कि अब कोई भी बड़ी सैलरी उन्हें वापस उस जिंदगी में नहीं ले जा सकती. उन्होंने अपनी सुबह के अनुभव को बताते हुए कहा कि पहले वह डर और तनाव के साथ उठती थीं. उनका पहला ख्याल काम और डेडलाइन को लेकर होता था. लेकिन अब उनकी सुबह शांत होती है और उन्हें किसी के दबाव में नहीं जीना पड़ता. उनके मुताबिक, इस सुकून की कोई कीमत नहीं हो सकती. उन्होंने यह भी बताया कि कॉर्पोरेट नौकरी में उन्हें हमेशा ऐसा व्यवहार करना पड़ता था जो उनका असली स्वभाव नहीं था. उन्हें अलग तरीके से बोलना, मुस्कुराना और खुद को पेश करना पड़ता था, जिससे वह अंदर से थक जाती थीं. उन्होंने कहा कि वह अब पैसे के लिए कभी भी ऐसा दिखावा नहीं करना चाहेंगी.
रोची ने असफलता के बारे में भी अपनी सोच शेयर की. उन्होंने बताया कि पहले उनकी असफलता सिर्फ काम और टारगेट से जुड़ी होती थी, जिससे वह खुद को अलग-थलग महसूस करती थीं. लेकिन अब अगर वह असफल होती हैं, तो वह उसे सीखने का मौका मानती हैं और उससे आगे बढ़ती हैं. अब उनकी असफलताएं उन्हें कमजोर नहीं बल्कि मजबूत बनाती हैं. एक और बड़ा कारण उन्होंने अपनी एनर्जी को बताया. कॉर्पोरेट जीवन में उन्हें ऐसे लोगों और माहौल के साथ रहना पड़ता था जो उनकी एनर्जी खत्म कर देते थे, जैसे टॉक्सिक बॉस, निगेटिव कलीग और जबरदस्ती की मीटिंग. लेकिन अब वह खुद तय करती हैं कि उन्हें किसके साथ समय बिताना है और किस काम में अपनी एनर्जी लगानी है.
सैलरी डबल होने के बाद भी नहीं करेंगी नौकरी
हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि यह फैसला आसान नहीं था. उन्होंने बताया कि इस रास्ते पर उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा. कभी-कभी उनके पास पैसे नहीं होते थे, कई रातें उन्होंने चिंता में बिताईं और उन्हें खुद पर भी शक हुआ. लेकिन उनके अनुसार, यह सब आजादी पाने की कीमत थी. रोची का कहना है कि अगर वह अब कॉर्पोरेट नौकरी में वापस जाती हैं, तो यह उन सभी संघर्षों का अपमान होगा जो उन्होंने अपनी आज की जिंदगी पाने के लिए किए हैं. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर आप मेरी सैलरी डबल भी कर दें, तब भी आप उस चीज को वापस नहीं ला सकते जिसे मैंने छोड़ दिया है.
उनके इस वीडियो को सोशल मीडिया पर काफी लोगों ने पसंद किया. कई लोगों ने कमेंट करके बताया कि उन्होंने भी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर अपनी जिंदगी में बड़ा बदलाव महसूस किया है. कुछ लोगों ने कहा कि शुरुआत में मुश्किल जरूर होती है, लेकिन बाद में यह फैसला सही लगता है. वहीं कुछ लोगों ने रोची की सोच की तारीफ की और कहा कि अक्सर लोग ऐसे फैसलों को समझ नहीं पाते. कई बार आलोचना करने वाले लोग खुद उस जिंदगी से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते. कुल मिलाकर, रोची की कहानी यह दिखाती है कि जिंदगी में सिर्फ पैसा ही सब कुछ नहीं होता. सुकून, आजादी और अपनी पहचान भी उतनी ही जरूरी है. यह हम पर निर्भर करता है कि हम किस तरह की जिंदगी चुनते हैं – ज्यादा पैसा या ज्यादा शांति.