नशीली चीजों की तस्करी दुनिया भर में हो रही है. इसका शिकार बच्चे से लेकर वयस्क तक लगभग सभी उम्र के लोग होते हैं. उन्हें इसकी लत लग रही है. लेकिन क्या अब जीव भी इसके चंगुल में फंस गए हैं? इसका जवाब है हां. समुद्री जीवों को तमाम जोखिमों से बचाते बचाते हम ये भूल गए कि उन पर आने वाले खतरों की संख्या हर दिन, हर पल बढ़ रही है. ये वो खतरे हैं, जिनके बारे में हम सोच भी नहीं सकते. कुछ ऐसा ही समुद्र में तैर रहीं शार्क्स के साथ देखा गया है.
डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, मामला अमेरिका के फ्लोरिडा का है. यहां समुद्र तट पर ड्रग्स की तस्करी करने वाले लोग नशीले पदार्थ गिरा देते हैं. वो कई बार इन ड्रग्स के पैकेट को वापस लेने लौटते हैं, तो कई बार पुलिस के डर से इन्हें यहां छोड़कर तो चले जाते हैं, मगर लेने नहीं आते. फिर अनजाने में इनका सेवन समुद्री जीव कर लेते हैं. तस्करों की इन हरकतों का अंजाम मासूम जीवों को भुगतना पड़ता है. उनके गैर काननी ड्रग्स के पैकेट्स को तलाशी के दौरान बाहर निकाला जाता है. लेकिन तब तक कितने जीव इसका सेवन कर चुके होते हैं, इसका मालूम ही नहीं चलता. हाल में शार्क्स ने सर्फिंग कर रहे लोगों पर अचानक हमला किया. जिसके बाद इस मामले की तरफ लोगों का ध्यान गया.
मरीन बायोलॉजिस्ट टॉम हिर्ड को एक जांच में पता चला कि दो तरह की शार्क पानी में अजीब तरह से व्यवहार कर रही हैं. टॉम अपने यूट्यूब वाले निकनेल ब्लोफिश से भी जाने जाते हैं. उनके साथ इस दौरान फ्लोरिडा विश्वविद्यालय की पर्यावरण वैज्ञानिक ट्रेसी फैनारा भी थीं. ये दोनों जानना चाहते थे कि क्या शार्क कोकेन का सेवन कर रही हैं. इसके लिए इन्होंने ऐसे पैकेट पानी में डाले जो कोकेन के पैकेट जैसे थे. तभी देखा कि शार्क सीधा इनकी तरफ आईं और तुरंत इनका सेवन कर लिया.
हालांकि इनका मकसद शार्क को किसी तरह के खतरे में डालना नहीं था. इन्होंने जो पैकेट पानी में डाले, उनमें असल में फिश पाउडर था. इन्होंने समुद्री तट पर इसी तरह के कई एक्सपेरिमेंट किए. इस दौरान शार्क्स के व्यवहार को भी करीब से देखा गया. टॉम और ट्रेसी डिस्कवरी के शार्क वीक के लिए कोकेन शार्क्स नाम की एक डॉक्यूमेंट्री बना रहे थे. टॉम हिर्ड ने डॉक्यूमेंट्री में कहा, 'हमने शार्क्स को वो दिया जो मेरे मुताबिक उनके लिए सबसे अच्छी चीज थी.'
वैज्ञानिक अभी ये साफ तौर पर नहीं कह सकते कि शार्क्स ने वाकई में कोकेन का सेवन किया था. न ही इस बात का कुछ पता है कि समुद्री जीवों पर कोकेन का असर कैसा होता है. लेकिन ऐसा माना जाता है कि इससे वो थोड़े सुस्त हो जाते हैं. उनकी मूवमेंट कम हो जाती है. हालांकि सर्फर डॉट कॉम वेबसाइट पर बताया गया है कि शार्क्स को ये सब काफी पसंद आता है. तटरक्षक बल को अकेले जून महीने में ही पानी के भीतर 14,000 पाउंड से ज्यादा का कोकेन मिला था. इन्हें पैकेट्स में बंद करके पानी में फेंका गया था.
वहीं रिसर्चर्स ने शार्क्स का अजीबोगरीब व्यवहार देखा. एक मामले में तो मादा शार्क पानी में एक तरफ ही तैर रही थी, जैसे वो काफी हल्का महसूस कर रही हो. जबकि एक अन्य मामले में शार्क गोल गोल घूम रही थी, मानो वो किसी चीज का पीछा कर रही हो. वो भी तब जब वहां कुछ भी मौजूद नहीं था.